• money9
  • Insurance
  • Saving
  • Mutual Funds
  • Mirae Asset MF
  • Breaking Briefs
downloadDownload The App
Close
  • Home
  • Videos
  • Podcast
  • Banking
  • Bulletin
  • Gold
  • Healthcare
  • Real Estate
  • Tax
  • Travel
  • Survey 2023
  • Survey Report
  • Breaking Briefs
  • Insurance
  • Savings
  • Loan
  • Crypto
  • Investment
  • Mutual Funds
  • Real Estate
  • Tax
  • Exclusive
  • Home / Economy

देश की आर्थिक गति बरकरार, 6.5 से 7 फीसदी ग्रोथ हासिल करने की उम्मीद

खुदरा महंगाई दर जुलाई 2024 में घटकर 3.5 प्रतिशत हो गई, जो सितंबर 2019 के बाद सबसे कम है. यह खाद्य महंगाई में नरमी का नतीजा है. दक्षिण-पश्चिम मानसून में स्थिर प्रगति ने खरीफ की बुवाई का समर्थन किया है

  • Money9
  • Last Updated : August 22, 2024, 17:45 IST
  • Follow
भारत की आर्थिक रफ्तार है बरकरार
  • Follow

अनियमित मानसून के बावजूद भारत की आर्थिक गति बरकरार है और आर्थिक समीक्षा में 6.5 से 7.0 प्रतिशत की जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वृद्धि दर का अनुमान सही जान पड़ता है. वित्त मंत्रालय की एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है. जुलाई की मासिक आर्थिक समीक्षा के अनुसार, भारतीय अर्थव्यवस्था ने वित्त वर्ष 2024-25 के पहले 4 महीनों में अपनी रफ्तार बनाए रखी है.

वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट में कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष 2024-25 के पहले 4 (अप्रैल-जुलाई) महीनों में वस्तु एवं सेवा कर संग्रह (जीएसटी कलेक्‍शन) में अच्‍छी खासी बढ़ोतरी हुई है. यह कर आधार के विस्तार तथा आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि के दम पर संभव हुआ है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि मैन्‍यूफैक्‍चरिंग और सेवा क्षेत्र के परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्‍स (पीएमआई) के मजबूत प्रदर्शन से भी घरेलू गतिविधियों में मजबूती का पता चलता है. विनिर्माण क्षेत्र में वृद्धि का कारण मांग का बढ़ना, नए निर्यात ऑर्डर में तेजी तथा उत्पादन कीमतों का बढ़ना है. इसमें कहा गया कि बजट वित्त वर्ष 2024-25 ने राजकोषीय मजबूती का मार्ग प्रशस्त किया है. मजबूत राजस्व संग्रह, राजस्व व्यय में अनुशासन तथा मजबूत आर्थिक प्रदर्शन के समर्थन से राजकोषीय घाटे में कमी आने का अनुमान है.

साथ ही, इसमें कहा गया है कि पूंजीगत व्यय को उच्च स्तर पर बनाए रखा गया है, जिससे नए निजी निवेश चक्र को समर्थन मिल रहा है. रिपोर्ट के अनुसार, खुदरा महंगाई दर जुलाई 2024 में घटकर 3.5 प्रतिशत हो गई, जो सितंबर 2019 के बाद सबसे कम है. यह खाद्य महंगाई में नरमी का नतीजा है. दक्षिण-पश्चिम मानसून में स्थिर प्रगति ने खरीफ की बुवाई का समर्थन किया है.

इसमें कहा गया है कि जलाशयों में जल स्तर का फिर से बढ़ना मौजूदा खरीफ तथा आगामी रबी फसल के उत्पादन के लिए अच्छा संकेत है. इससे आने वाले महीनों में खाद्य मुद्रास्फीति को कम करने में मदद मिलेगी. रिपोर्ट के अनुसार, ‘कुल मिलाकर भारत की आर्थिक गति बरकरार है. कुछ हद तक अनियमित मानसून के बावजूद जलाशयों में जलस्तर की भरपाई हो गई है. पीएमआई के अनुसार विनिर्माण और सेवा क्षेत्र बढ़ रहा है.

इसमें कहा गया कि कर संग्रह, खासकर अप्रत्यक्ष कर (जो लेन-देन को दर्शाते हैं) अच्छी तरह बढ़ रहे हैं. साथ ही बैंक लोन भी बढ़ रहा है. रिपोर्ट के अनुसार, महंगाई कम हो रही है और वस्तुओं तथा सेवाओं दोनों का निर्यात पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर रहा है. शेयर बाजार अपने स्तर पर बने हुए हैं. सकल प्रवाह बढ़ने के कारण प्रत्यक्ष विदेशी निवेश बढ़ रहा है.

Published: August 22, 2024, 17:20 IST

Download Money9 App for the latest updates on Personal Finance.

  • GDP growth

Related

  • 99500 रुपये महीने में एंटरप्राइज AI, Intellect ने लॉन्च किया Purple Fabric, अब मिड साइज कंपनियों के लिए आसान हुआ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
  • वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की GDP वृद्धि दर 6.9 प्रतिशत रहने का अनुमान: इंडिया रेटिंग्स
  • सरकार ने वोडाफोन-आइडिया के लिए पैकेज को दी मंजूरी : सूत्र
  • रुपया पहली बार अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 91 के स्तर के पार
  • सरकार ने GST दरों में कमी के बाद पैकेजिंग नियमों को आसान बनाया
  • GST दर सुधार पर परिषद की बैठक शुरू, तेदेपा का समर्थन, विपक्षी दलों ने राजस्व संरक्षण की मांग की

Latest

  • 1. Know the correct way to get KYC done!
  • 2. Why health insurance claim gets rejected?
  • 3. Power to Respond!
  • 4. What is Asset Under Management?
  • 5. No Worries on Medical Expenses!
  • Contact Us
  • About Us
  • Privacy & Cookies Notice
  • Complaint Redressal
  • Copyright © 2026 Money9. All rights reserved.
  • share
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • LinkedIn
  • Telegram
close