भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर बड़ी घोषणा जल्द हो सकती है. यह डील भारत के लिए आर्थिक रूप से बेहद अहम मानी जा रही है. इस समझौते से भारत का ट्रेड सरप्लस आने वाले वर्षों में तेजी से बढ़ सकता है. खास बात यह है कि यह डील भारत के निर्यात को नई ऊंचाई दे सकती है. इससे भारतीय उद्योगों को बड़ा बाजार मिलेगा. साथ ही रोजगार और मैन्युफैक्चरिंग को भी मजबूती मिलेगी.
भारत के ट्रेड सरप्लस में बड़ा उछाल
FTA लागू होने पर भारत का यूरोपीय यूनियन के साथ ट्रेड सरप्लस वित्त वर्ष 2031 तक पचास अरब डॉलर से अधिक बढ़ सकता है. इससे भारत की कुल एक्सपोर्ट में यूरोप की हिस्सेदारी बढ़कर 22 से 23 फीसदी तक पहुंच सकती है. फिलहाल यह हिस्सेदारी 17 फीसदी के आसपास है. यह बढ़ोतरी भारत के लिए विदेशी मुद्रा आय बढ़ाने में मददगार होगी. साथ ही ट्रेड बैलेंस को मजबूत बनाएगी.
भारतीय निर्यात को मिलेगा नया बाजार
इस डील से भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स मशीनरी और केमिकल जैसे हाई वैल्यू सेक्टर को फायदा होगा. अभी तक भारत का निर्यात काफी हद तक लेबर आधारित उत्पादों पर निर्भर रहा है. FTA के बाद भारत वैल्यू चेन में ऊपर की ओर बढ़ेगा. इससे भारतीय कंपनियों की वैश्विक कंपटीशन बढ़ेगी. लंबे समय में यह निर्यात की क्वालिटी और कीमत दोनों सुधार सकता है.