Jio IPO पर बड़ा अपडे़ट , 16 लाख करोड़ हो सकती है वैल्यूएशन; दुनिया के टॉप मर्चेंट बैंक मैनेज करेंगे इश्यू

IPO में नए शेयर जारी होने के साथ पुराने निवेशकों की हिस्सेदारी बिक्री भी शामिल हो सकती है. केकेआर टीपीजी सिल्वर लेक और विस्टा जैसे प्राइवेट इक्विटी निवेशक अपनी हिस्सेदारी घटा सकते हैं. वहीं गूगल और मेटा जैसी स्ट्रैटेजिक कंपनियां अपनी हिस्सेदारी बनाए रख सकती हैं. इससे कंपनी की लॉन्ग टर्म वैल्यू पर भरोसा झलकता है.

रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और टेलीकॉम यूनिट JIO प्लेटफॉर्म्स का IPO बाजार में सबसे बड़ी लिस्टिंग में से एक हो सकता है. कंपनी ने अपने प्रस्तावित IPO के लिए बड़े ग्लोबल बैंकों को शॉर्टलिस्ट कर लिया है. मार्केट एनालिस्ट के मुताबिक JIO प्लेटफॉर्म्स की वैल्यूएशन 130 अरब डॉलर से लेकर 180 अरब डॉलर तक आंकी जा रही है. यह IPO भारत के कैपिटल मार्केट के लिए अहम माना जा रहा है. निवेशकों की नजर खासतौर पर इसकी वैल्यूएशन पर टिकी है.

IPO के लिए बड़े बैंकों का चयन

JIO प्लेटफॉर्म्स ने IPO के लिए मॉर्गन स्टेनली और गोल्डमैन सैक्स को लीड बैंकर के तौर पर चुना है. दोनों बैंक बड़े और हाई वैल्यू IPO में एक्सपर्ट माने जाते हैं. कंपनी ड्राफ्ट पेपर दाखिल करने की तैयारी में है. इसके लिए Sebi से जुड़े एक अहम प्रस्ताव पर सरकार की मंजूरी का इंतजार है. मंजूरी मिलते ही प्रक्रिया तेज हो सकती है.

कितनी हो सकती है JIO की वैल्यूएशन

ब्रोकरेज हाउस JIO प्लेटफॉर्म्स की वैल्यूएशन को लेकर अलग- अलग अनुमान लगा रहे हैं. कुछ एक्सपर्ट इसे करीब 180 अरब डॉलर तक मान रहे हैं. वहीं कुछ संस्थाएं वैल्यू को 133 से 148 अरब डॉलर के बीच आंक रही हैं. यह दायरा बताता है कि बाजार JIO को कितना मजबूत डिजिटल और टेलीकॉम बिजनेस मानता है.

IPO में शेयर सेल्स का स्ट्रक्चर

IPO में नए शेयर जारी होने के साथ पुराने निवेशकों की हिस्सेदारी बिक्री भी शामिल हो सकती है. केकेआर टीपीजी सिल्वर लेक और विस्टा जैसे प्राइवेट इक्विटी निवेशक अपनी हिस्सेदारी घटा सकते हैं. वहीं गूगल और मेटा जैसी स्ट्रैटेजिक कंपनियां अपनी हिस्सेदारी बनाए रख सकती हैं. इससे कंपनी की लॉन्ग टर्म वैल्यू पर भरोसा झलकता है.

Published: January 20, 2026, 20:32 IST
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