दिल्ली को देश का आर्थिक केंद्र बनाने की जरूरत: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता

गुप्ता ने छत्रसाल स्टेडियम में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) व्यापार समझौते की घोषणा इस सप्ताह होने की उम्मीद है जो दिल्ली के लिए लाभकारी हो सकता है क्योंकि इससे शहर के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र के लिए यूरोपीय संघ के देशों में 45 लाख उपभोक्ताओं तक पहुंचने के द्वार खुल जाएंगे।

Delhi CM Rekha Gupta

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली सरकार द्वारा आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में रविवार को अपने पहले संबोधन में कहा कि दिल्ली को देश का सबसे मजबूत आर्थिक केंद्र बनने की जरूरत है।

गुप्ता ने छत्रसाल स्टेडियम में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) व्यापार समझौते की घोषणा इस सप्ताह होने की उम्मीद है जो दिल्ली के लिए लाभकारी हो सकता है क्योंकि इससे शहर के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र के लिए यूरोपीय संघ के देशों में 45 लाख उपभोक्ताओं तक पहुंचने के द्वार खुल जाएंगे।

दिल्ली सरकार गणतंत्र दिवस समारोह हर साल 25 जनवरी को आयोजित करती है।

गुप्ता ने पिछले 11 महीनों में दिल्ली में स्वास्थ्य, शिक्षा, अवसंरचना, कारोबार सुगमता, सामाजिक कल्याण, परिवहन और ग्रामीण विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों में किए अपनी सरकार के कामकाज को रेखांकित किया।

उन्होंने कहा कि ‘सुरक्षित शहर परियोजना’ के तहत दिल्ली सरकार शहर भर में 10,000 उन्नत सीसीटीवी कैमरे लगाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना लागू होने के बाद अब तक 6.5 लाख लोगों का पंजीकरण हो चुका है और 30,000 से अधिक लोगों को इसका लाभ मिला है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने शहर में 300 से अधिक आयुष्मान आरोग्य स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में निजी विद्यालयों द्वारा मनमानी फीस वृद्धि पर रोक लगाने के लिए सरकार ने दिल्ली शिक्षा अधिनियम पारित किया जिससे लाखों अभिभावकों और छात्रों को लाभ होगा।

गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार स्टार्टअप नीति संबंधी अपनी पहलों के जरिए दिल्ली को ‘‘विचारों की राजधानी’’ बनाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के बीच हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (एमओयू) यह सुनिश्चित करेगा कि विकास कार्यों के लिए शहर को धन की कमी का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार राष्ट्रीय राजधानी के ग्रामीण इलाकों पर विशेष ध्यान दे रही है और उसने विभिन्न विकास कार्यों के लिए 1,700 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं तथा झुग्गी बस्तियों में बेहतर नागरिक अवसंरचना के लिए भी 700 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार यमुना की सफाई, कूड़े के ढेर और शहर में प्रदूषण जैसी ‘‘विरासत में मिली समस्याओं’’ से निपटने के लिए भी योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य अगले तीन साल में 11,000 इलेक्ट्रिक बस जोड़कर सार्वजनिक परिवहन बेड़े को मजबूत करना और मेट्रो रेल नेटवर्क को मौजूदा 396 किलोमीटर से बढ़ाकर 500 किलोमीटर करना है।

गुप्ता ने लोगों से शहर के विकास के लिए दिल्ली सरकार की पहलों में सहयोग एवं भागीदारी करने की अपील की। उन्होंने शहर के निजी प्रतिष्ठानों से सौर ऊर्जा, वर्षा जल संचयन और विकेंद्रीकृत सीवेज शोधन संयंत्रों (एसटीपी) का इस्तेमाल करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने लोगों से भी स्वच्छ ईंधन से चलने वाले वाहनों का उपयोग करने और सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने का आग्रह किया ताकि वे ‘‘स्वच्छ और हरित दिल्ली’’ के लिए सरकार के प्रयासों में योगदान दे सकें।

Published: January 25, 2026, 14:54 IST
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