• money9
  • Insurance
  • Saving
  • Mutual Funds
  • Mirae Asset MF
  • Breaking Briefs
downloadDownload The App
Close
  • Home
  • Videos
  • Podcast
  • Banking
  • Bulletin
  • Gold
  • Healthcare
  • Real Estate
  • Tax
  • Travel
  • Survey 2023
  • Survey Report
  • Breaking Briefs
  • Insurance
  • Savings
  • Loan
  • Crypto
  • Investment
  • Mutual Funds
  • Real Estate
  • Tax
  • Exclusive
  • Home / Latest News

Fiscal Deficit : सरकारी खर्च में कटौती का दिखने लगा असर, अप्रैल से अगस्त में 4.35 लाख करोड़ रहा घाटा

मौजूदा वित्तीय वर्ष के पहले 5 महीने यानी अप्रैल से अगस्त तक राजकोषीय घाटा 4.35 लाख करोड़ रुपये रहा है. सीएजी की मासिक रिपोर्ट के मुताबिक यह बजट में तय किए गए वार्षिक अनुमान के 27% के बराबर है.

  • Money9
  • Last Updated : September 30, 2024, 18:38 IST
  • Follow
राजकोषीय घाटा
  • Follow
मौजूदा वित्तीय वर्ष के पहले 5 महीने यानी अप्रैल से अगस्त तक राजकोषीय घाटा 4.35 लाख करोड़ रुपये रहा है. सीएजी की मासिक रिपोर्ट के मुताबिक यह बजट में तय किए गए वार्षिक अनुमान के 27% के बराबर है. पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में यह 32.3 % कम है. सरकार का लक्ष्य है कि मौजूदा वित्तीय वर्ष में राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 4.9% से कम रखा जाए. पिछले वर्ष यह करीब 5.6% रहा था. सरकारी आंकड़ों से आज पता चलता है कि मौजूदा वित्तीय वर्ष के पहले 5 महीनों यानी अप्रैल से अगस्त तक सरकार की कुल आय 12.17 लाख करोड़ रुपये रही, जबकि कुल व्यय 16.52 लाख करोड़ रुपये रहा. इस तरह आय इस वित्तीय वर्ष के बजट लक्ष्य के 38% के बराबर पहुंच चुकी है, जबकि व्यय 34.3% के बराबर है. पिछले वर्ष की समान अवधि में आय 37.9% पर थी, जबकि व्यय 37.1% रहा था. इसके अलावा मौजूदा वित्त वर्ष में कर और गैर-कर राजस्व बजट अनुमान का 33.8% और 61.3% रहा है. जबकि, पिछले वर्ष यह बजट अनुमान के 34.5% और 69.5% के करीब रहा था. इसके अलावा रिजर्व बैंक ने केंद्र सरकार को अधिशेष के रूप में 2.11 लाख करोड़ रुपये देने का ऐलान किया है. यह रकम केंद्रीय बैंक की तरफ से बजट में घोषित की गई राशि से दोगुनी है. 1 अप्रैल से शुरू हुए इस वित्तीय वर्ष के लिए बजट की घोषणा करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राजकोषीय घाटे का लक्ष्य संशोधित कर 4.9% कर दिया था, जो अंतरिम बजट में 5.1% रखा गया था. फिलहाल, बजट में घोषित राजकोषीय लक्ष्यों को लेकर सरकार अपनी योजना पर कायम है. हालांकि, गठबंधन दल मोदी सरकार से ज्यादा धन खर्च करने मांग कर रहे हैं. इसके अलावा मध्यम वर्ग भी राहत के उपायों की मांग कर रहा है.

जीडीपी के 1.3% तक पहुंचा राजकोषीय घाटा

सरकार का लक्ष्य मौजूदा वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 4.99% तक बनाए रखने का है. चालू वित्त वर्ष के पहले 5 महीनों में यह 1.3% तक पहुंच चुका है. ऐसे में माना जा रहा है कि सरकार इस मोर्चे पर अपना लक्ष्य हासिल कर पाएगी. वहीं, राजस्व घाटे की बात की जाए, तो पिछले वर्ष की तुलना में इसमें भी कमी आई है. पिछले वर्ष की तुलना में मौजूदा वित्तीय वर्ष में अप्रैल से अगस्त के दौरान राजस्व घाटा साल-दर-साल आधार पर 49.7% कम हुआ है. वहीं, मौजूदा वित्त वर्ष के पहले पांच महीनों में राजस्व घाटा 1.43 लाख करोड़ रहा है. मौजूदा वित्त वर्ष में सरकार अपने सालाना बजट लक्ष्य का करीब 38% हासिल कर चुकी है. पिछले वर्ष समान अवधि के लिहाज से देखा जाए, तो सालाना हिसाब से इसमें 18 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है. वहीं, व्यय के मोर्चे पर सरकार ने पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 1.2 फीसदी कम खर्च किया है.
Published: September 30, 2024, 18:38 IST

Download Money9 App for the latest updates on Personal Finance.

  • fiscal deficit

Related

  • RGRL शेयर हेरफेर मामला:18 संस्थाओं पर 2.8 करोड़ का जुर्माना,पांच साल तक बाजार से प्रतिबंधित
  • युद्ध के बीच गोल्ड फंडों में बढ़ा आकर्षण, निप्पॉन ने दिया एक साल में 84 फीसदी रिटर्न
  • इंडिगो 14 मार्च से घरेलू, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए ईंधन शुल्क वसूलेगी
  • मर्सिडीज अप्रैल से अपने सभी वाहनों की कीमतों में दो प्रतिशत की करेगी बढ़ोतरी
  • पेट्रोल की कीमतें कम करने के लिए ‘स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व’ का इस्तेमाल करेंगे: ट्रंप
  • तेल कीमत बढ़ने से IOC, BPCL, HPCL का लाभ प्रभावित होने की आशंका:एसएंडपी

Latest

  • 1. Know the correct way to get KYC done!
  • 2. Why health insurance claim gets rejected?
  • 3. Power to Respond!
  • 4. What is Asset Under Management?
  • 5. No Worries on Medical Expenses!
  • Contact Us
  • About Us
  • Privacy & Cookies Notice
  • Complaint Redressal
  • Copyright © 2026 Money9. All rights reserved.
  • share
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • LinkedIn
  • Telegram
close