
सरकार ने वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच बाजार विविधीकरण के जरिए निर्यात को बढ़ावा देने के प्रयासों के तहत विदेश में स्थित भारतीय मिशनों के लिए विशिष्ट दिशानिर्देश तैयार किए हैं। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि विदेश में भारतीय वाणिज्यिक मिशनों के लिए व्यापार प्रोत्साहन संबंधी इन दिशानिर्देशों में गैर-शुल्क बाधाओं का प्रबंधन, बाजार सहभागिता गतिविधियां, योजना एवं संसाधन प्रबंधन, व्यापार सूचना और बाजार अनुसंधान शामिल हैं।
ये दिशानिर्देश इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि व्यापार के क्षेत्र में मेजबान देश के हितधारकों के लिए वाणिज्यिक प्रतिनिधि ही संपर्क के पहले बिंदु होते हैं।
अधिकारी ने कहा कि वाणिज्यिक प्रतिनिधियों को जारी मुक्त व्यापार समझौतों का लाभ उठाने के लिए व्यापार प्रोत्साहन गतिविधियों को उसी अनुरूप ढालना होगा, ताकि इन समझौतों का अधिक से अधिक उपयोग सुनिश्चित करने में मदद मिल सके।
वाणिज्यिक प्रतिनिधियों को भारतीय उत्पादों की मांग का आकलन करने के लिए बाजार सर्वेक्षण करने का सुझाव भी दिया गया है।
सरकार का यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत 2030 तक वस्तुओं और सेवाओं के निर्यात को दो लाख करोड़ डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य लेकर चल रहा है।
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