2026-27 में ईवी दोपहिया वाहनों की बिक्री 16-18 प्रतिशत बढ़ने के आसार

रेटिंग एजेंसी ने बयान में कहा कि चालू वित्त वर्ष 2025-26 इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की वृद्धि अस्थायी रूप से दुर्लभ खनिजों (रेयर-अर्थ मैग्नेट) की आपूर्ति में व्यवधान और आंतरिक दहन इंजन (आईसीई) मॉडलों पर माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के युक्तिकरण के कारण धीमी रहने के आसार है।

Ola's scooter has an in-house developed 8.5 KW motor and 3.97 kWh battery packs and comes in ten different colours.

भारत में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की मात्रा वृद्धि अगले वित्त वर्ष में दुर्लभ धातुओं की आपूर्ति में सुधार से 16-18 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। हालांकि चालू वित्त वर्ष में आपूर्ति शृंखला बाधाओं के कारण इसके 12-13 प्रतिशत तक सीमित रहने का अनुमान है। क्रिसिल रेटिंग्स ने यह जानकारी दी।

रेटिंग एजेंसी ने बयान में कहा कि चालू वित्त वर्ष 2025-26 इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की वृद्धि अस्थायी रूप से दुर्लभ खनिजों (रेयर-अर्थ मैग्नेट) की आपूर्ति में व्यवधान और आंतरिक दहन इंजन (आईसीई) मॉडलों पर माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के युक्तिकरण के कारण धीमी रहने के आसार है।

गत वित्त वर्ष 2024-25 में इलेक्ट्रिक दोपहिया की मात्रा वृद्धि 22 प्रतिशत रही थी।

क्रिसिल रेटिंग्स के वरिष्ठ निदेशक अनुज सेठी ने कहा, ‘‘ दुर्लभ खनिजों की कमी से उत्पन्न आपूर्ति व्यवधान ने साल के मध्य में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों मात्रा को प्रभावित किया। जैसे-जैसे उपलब्धता में सुधार हुआ और आईसीई मॉडल में जीएसटी आधारित मूल्य संशोधन हुआ, मूल उपकरण विनिर्माता (ओईएम) ने छूट दी और कम कीमत वाले इलेक्ट्रिक मॉडल पेश किए ताकि आईसीई-ईवी मूल्य अंतर को कम किया जा सके।’’

उन्होंने कहा कि इससे हाल के महीनों में बिक्री में सुधार हुआ है लेकिन पहले के आपूर्ति व्यवधान का असर पूरे साल की वृद्धि को 12-13 प्रतिशत तक सीमित रख सकता है।

सेठी ने कहा, ‘‘ आपूर्ति स्थितियों में सुधार के साथ (जिसमें चीन से मैग्नेट की आपूर्ति धीरे-धीरे फिर शुरू होना और ओईएम द्वारा सोर्सिंग में विविधता लाने के शुरुआती कदम शामिल हैं) अगले वित्त वर्ष 2026-27 में वृद्धि 16-18 प्रतिशत तक दोबारा तेज होने की उम्मीद है। बशर्ते दुर्लभ खनिजों की उपलब्धता स्थिर बनी रहे।’’

Published: February 4, 2026, 14:17 IST
Exit mobile version