छोटे उद्यमों के लिए समय पर कर्ज उपलब्धता में सुधार लाना प्राथमिकता: आरबीआई गवर्नर

आरबीआई के बयान के अनुसार, मल्होत्रा ​​ने देश के आर्थिक परिदृश्य में एमएसएमई क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया, जो जीडीपी, निर्यात और आजीविका में महत्वपूर्ण योगदान देता है।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने सोमवार को कहा कि लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) के लिए वित्तीय संस्थानों से समय पर और पर्याप्त कर्ज उपलब्धता में सुधार करना केंद्रीय बैंक की प्रमुख नीतिगत प्राथमिकताओं में से एक है।

केंद्रीय बैंक के संबंधित पक्षों के साथ निरंतर बैठकों के तहत, मल्होत्रा ने चुनिंदा सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) और संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक की।

आरबीआई के बयान के अनुसार, मल्होत्रा ​​ने देश के आर्थिक परिदृश्य में एमएसएमई क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया, जो जीडीपी, निर्यात और आजीविका में महत्वपूर्ण योगदान देता है।

उन्होंने कहा एमएसएमई के लिए वित्तीय संस्थानों से समय पर और पर्याप्त ऋण की उपलब्धता में सुधार करना रिजर्व बैंक की प्रमुख नीतिगत प्राथमिकताओं में से एक है।

आरबीआई गवर्नर ने केंद्र सरकार और रिजर्व बैंक की तरफ से इस क्षेत्र के लिए उठाये गये विभिन्न नीतिगत और नियामकीय कदमों का उल्लेख किया।

उन्होंने एमएसएमई को संगठित रूप अपनाने, ऋण अनुशासन बनाए रखने और डिजिटल भुगतान को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया ताकि वे दीर्घकालिक रूप से मजबूत और प्रतिस्पर्धी बन सकें।

इस सत्र में प्रतिभागियों ने एमएसएमई क्षेत्र को ऋण से संबंधित नीतिगत मुद्दों और परिचालन चुनौतियों पर अपने सुझाव साझा किए।

बैठक में डिप्टी गवर्नर टी रबी शंकर, स्वामीनाथन जे और एससी मुर्मू भी उपस्थित थे।

Published: February 16, 2026, 19:09 IST
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