
देश में चीनी उत्पादन चालू सत्र 2025-26 में 31 जनवरी तक 18.35 प्रतिशत बढ़कर 1.95 करोड़ टन पर पहुंच गया है। उद्योग निकाय इस्मा ने शनिवार को यह जानकारी दी। मुख्य उत्पादक राज्यों में उत्पादन बढ़ने से यह वृद्धि दर्ज की गई है।
पिछले सत्र की समान अवधि में चीनी का उत्पादन 1.64 करोड़ टन रहा था। चीनी सत्र अक्टूबर से सितंबर तक चलता है।
भारतीय चीनी एवं जैव-ऊर्जा विनिर्माता संघ (इस्मा) के अनुसार, वर्तमान में देशभर में 515 चीनी मिलें चालू हैं, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 501 मिलें चल रही थीं।
देश के सबसे बड़े उत्पादक राज्य महाराष्ट्र में 31 जनवरी तक चीनी का उत्पादन 42 प्रतिशत बढ़कर 78.7 लाख टन रहा। राज्य में अभी 206 मिलों का परिचालन हो रहा है, जबकि एक साल पहले इनकी संख्या 190 थी।
दूसरे सबसे बड़े उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश में उत्पादन अब तक 55.1 लाख टन तक पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग पांच प्रतिशत अधिक है।
इस्मा ने एक बयान में कहा कि तीसरे सबसे बड़े उत्पादक राज्य कर्नाटक में भी पेराई की गति तेज रही और वहां उत्पादन पिछले सत्र की इसी अवधि की तुलना में लगभग 15 प्रतिशत बढ़ा है।
इस्मा ने अनुमान जताया है कि 2025-26 के पूरे सत्र के लिए शुद्ध चीनी उत्पादन 18.6 प्रतिशत बढ़कर 3.09 करोड़ टन रह सकता है, जो पिछले सत्र में 2.61 करोड़ टन था।
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