
भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (सीईटीए) 2026 की पहली छमाही तक लागू होने की उम्मीद है। ब्रिटेन के उप उच्चायुक्त एंड्रयू फ्लेमिंग ने यह जानकारी देते हुए कहा कि इससे दोनों देशों के बीच साझेदारी के एक नए दौर की शुरुआत होगी।
उन्होंने पीटीआई-भाषा के साथ बातचीत में इस समझौते को दोनों सरकारों के बीच अब तक हुआ सबसे ‘व्यापक और महत्वाकांक्षी’ करार बताया।
फ्लेमिंग ने कहा कि लगभग 20 हजार पन्नों वाला यह समझौता सभी आकार के व्यवसायों को अवसर देने के लिए तैयार किया गया है। इससे विशेष रूप से पश्चिम बंगाल तथा पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत के निर्यातकों को लाभ होगा।
उन्होंने कहा, ”यह मुक्त व्यापार समझौता सबसे व्यापक और महत्वाकांक्षी समझौता है, जिस पर मेरी सरकार ने बातचीत की है। मुझे लगता है कि यही बात भारतीय सरकार पर भी लागू होती है।”
उन्होंने क्षेत्रीय व्यवसायों से अपील की कि वे आने वाले लाभों का दोहन करने के लिए अभी से तैयारियां शुरू करें।
भारत ने 24 जुलाई को ब्रिटेन के साथ व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (सीईटीए) पर हस्ताक्षर किए थे। यह अब तक का देश का सबसे महत्वाकांक्षी व्यापार समझौता है, जिसमें शुल्क से लेकर प्रौद्योगिकी तक 26 क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इस समझौते का उद्देश्य द्विपक्षीय वस्तु और सेवा व्यापार को मौजूदा 56 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़ाकर 112 अरब अमेरिकी डॉलर तक दोगुना करना है।