
जम्मू कश्मीर सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में 2019 के बाद से पर्यटकों के आगमन में तेजी से बढ़ोतरी देखी गई है। जहां 2016 से 2018 के दौरान 4.76 करोड़ पर्यटक यहां आए थे, वहीं 2023 से 2025 के बीच यह संख्या बढ़कर 7.85 करोड़ से अधिक हो गई।
विधानसभा में नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के विधायक जावेद हसन बेग के एक प्रश्न के लिखित उत्तर में पर्यटन विभाग का कार्यभार संभाल रहे मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पिछले तीन वर्षों में अलग-अलग पर्यटन स्थलों पर आने वाले सैलानियों की संख्या का विवरण और तुलनात्मक आंकड़े प्रस्तुत किए।
आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि 2023 से 2025 के बीच 7.85 करोड़ से अधिक पर्यटकों ने जम्मू कश्मीर का दौरा किया, जबकि 2016 से 2018 के दौरान केंद्र शासित प्रदेश में 4.76 करोड़ से अधिक पर्यटक पहुंचे।
आंकड़ों के अनुसार, 2016 से 2018 के दौरान कश्मीर मंडल आने वाले पर्यटकों की संख्या 59.56 लाख थी, जो 2023 से 2025 के बीच तेजी से बढ़कर 2.42 करोड़ दर्ज की गई।
हालांकि कश्मीर मंडल में 2024 में 98.19 लाख पर्यटकों के आगमन के बाद 2025 में यह संख्या घटकर 47.78 लाख रह गई।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और साल भर हुई भारी बारिश के कारण यह गिरावट देखी गई।
आंकड़ों के अनुसार, जम्मू क्षेत्र में 2016 से 2018 के दौरान पर्यटकों का आगमन 4.16 करोड़ रहा, जो 2023 से 2025 के बीच बढ़कर 5.43 करोड़ हो गया।
यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से तीर्थयात्रा और धार्मिक पर्यटन से प्रेरित निरंतर वृद्धि को दर्शाता है।
आंकड़ों से पता चलता है कि सिर्फ कश्मीर में 2024 में कुल आगंतुकों की संख्या बढ़कर 98.1 लाख हो गई, जबकि 2016 से 2018 के दौरान सालाना लगभग 20 लाख पर्यटक यहां आते थे।
सदन के समक्ष प्रस्तुत आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कश्मीर मंडल में 2023 में 96.3 लाख और 2024 में 98.1 लाख पर्यटक आए, जबकि 2025 में अब तक 47.7 लाख पर्यटकों का आगमन दर्ज किया गया है। इसके विपरीत, 2016 में पर्यटकों की संख्या 20.0 लाख, 2017 में 19.3 लाख और 2018 में 20.1 लाख थी।
प्रमुख पर्यटन स्थलों – गुलमर्ग में 2023 में 16.2 लाख और 2024 में 13.6 लाख पर्यटक पहुंचे, जबकि पहलगाम में 2023 में 14.5 लाख और 2024 में 12.6 लाख पर्यटक आए।