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अमेरिका के Reciprocal Tariffs का नहीं होगा भारत पर असर, GTRI का दावा

ट्रंप की वापसी के बाद अमेरिका ने व्यापारिक साझेदारों पर जवाबी शुल्क लगाना शुरू किया, लेकिन GTRI के अनुसार, इसका भारत पर सीमित प्रभाव पड़ेगा. 2024-25 में अमेरिका भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार रहा, जबकि 2023-24 में पहला.

  • Money9
  • Last Updated : February 14, 2025, 23:58 IST
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डोनाल्‍ड ट्रंप
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Retaliatory Tariff: अमेरिका ने ट्रंप की वापसी के बाद से ही अपने व्यापारिक साझेदारों पर reciprocal tariffs लगाना शुरू कर दिया है. इसका मतलब यह है कि जिस देश ने अमेरिकी उत्पादों पर जितना टैक्स लगाया है, अमेरिका भी उस देश के उत्पादों पर उतना ही टैक्स लगा रहा है. यह भारत के लिए भी चिंता का विषय है, क्योंकि भारत अमेरिकी उत्पादों पर अधिक टैरिफ लगाता है. हालांकि इस पर ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) का कहना है कि दोनों देशों की निर्यात संरचना में अंतर होने के कारण भारत को बड़े नुकसान की संभावना नहीं है. अमेरिका द्वारा लगाए गए संभावित जवाबी शुल्क का भारत पर सीमित प्रभाव पड़ेगा.

पिस्ता जैसे उत्पादों पर कोई प्रभाव नहीं

GTRI ने बताया कि यदि अमेरिका भारतीय पिस्ता पर 50% का जवाबी शुल्क लगाता है, तो इसका कोई असर नहीं होगा क्योंकि भारत पिस्ता का निर्यात नहीं करता. भारत को निर्यात किए जाने वाले अमेरिकी उत्पादों पर औसत शुल्क 5 फीसदी से भी कम है, जबकि भारत को अमेरिका द्वारा कपड़ा, परिधान और जूते जैसे श्रम-प्रधान उत्पादों पर 15-35 फीसदी तक के उच्च शुल्क का सामना करना पड़ता है.

जवाबी कार्रवाई की संभावना

GTRI के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा कि अमेरिका के फैसले का भारत इंतजार कर सकता है और यदि आवश्यक हुआ तो जून 2019 की तरह समान स्तर की जवाबी कार्रवाई कर सकता है. ये भी पढ़ें- ट्रंप को भारत के 10.93 लाख करोड़ का लालच, जानें तेल से कितना बिजनेस चाहता है अमेरिका, क्या पिछड़ेगा रूस

मोदी-ट्रंप वार्ता और व्यापार समझौता

वाशिंगटन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वार्ता के बाद पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत व्यापार घाटे को कम करने के लिए अमेरिका से अधिक तेल, गैस और सैन्य उपकरण खरीदेगा. हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका भारत पर जवाबी शुल्क लगाने से पीछे नहीं हटेगा.

82.52 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार

अप्रैल-नवंबर 2024-25 के दौरान, अमेरिका 82.52 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार के साथ भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार था, जिसमें भारत ने 52.89 अरब डॉलर का निर्यात और 29.63 अरब डॉलर का आयात किया, जिससे 23.26 अरब डॉलर का ट्रेड सरप्लस रहा। वहीं, 2023-24 में अमेरिका 119.71 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार के साथ भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार था। इस अवधि में भारत ने अमेरिका को 77.51 अरब डॉलर का निर्यात किया, जबकि आयात 42.19 अरब डॉलर का रहा, जिससे 35.31 अरब डॉलर का ट्रेड सरप्लस बना.
Published: February 14, 2025, 23:58 IST

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