• money9
  • Insurance
  • Saving
  • Mutual Funds
  • Mirae Asset MF
  • Breaking Briefs
downloadDownload The App
Close
  • Home
  • Videos
  • Podcast
  • Banking
  • Bulletin
  • Gold
  • Healthcare
  • Real Estate
  • Tax
  • Travel
  • Survey 2023
  • Survey Report
  • Breaking Briefs
  • Insurance
  • Savings
  • Loan
  • Crypto
  • Investment
  • Mutual Funds
  • Real Estate
  • Tax
  • Exclusive
  • Home / Latest News

टाटा मोटर्स ने बजट में शुरुआती स्तर के इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए प्रोत्साहन की मांग की

उन्होंने ध्यान दिलाया कि वाणिज्यिक क्षेत्र की इलेक्ट्रिक कारें फेम-2 योजना का हिस्सा थीं, लेकिन वे पीएम ई-ड्राइव योजना में शामिल होने से रह गई हैं।

  • Money9
  • Last Updated : January 18, 2026, 18:38 IST
  • Follow
टाटा
  • Follow

टाटा मोटर्स ने आगामी आम बजट में शुरुआती स्तर के इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के लिए विशेष प्रोत्साहन और ‘पीएम ई-ड्राइव’ योजना के तहत वाणिज्यिक परिचालन वाली इलेक्ट्रिक कारों को सहायता देने की मांग की है।

टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के प्रबंध निदेशक और सीईओ शैलेश चंद्रा ने ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ बातचीत में कहा कि जीएसटी सुधारों, रेपो दर में कटौती और कर व्यवस्था में बदलाव जैसे सरकारी हस्तक्षेपों ने यात्री वाहन उद्योग में मांग को फिर से बढ़ा दिया है, लेकिन शुरुआती स्तर के इलेक्ट्रिक वाहन अब भी बिक्री के मोर्चे पर चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, ”मैं यात्री वाहन और इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग को फिर से गति देने के लिए सरकार की सराहना करता हूं। बजट में दो चीजों पर गौर किया जा सकता है। पहला, इलेक्ट्रिक वाहनों के शुरुआती खंड पर काफी दबाव है और दूसरा कि क्या सरकार इस पर कुछ प्रोत्साहन देने पर विचार कर सकती है।”

चंद्रा ने बताया कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) सुधारों के बाद पेट्रोल कारों की कीमतों में कमी आई है, जिससे शुरुआती स्तर के इलेक्ट्रिक वाहनों पर प्रतिस्पर्धा का दबाव बढ़ गया है।

उन्होंने उल्लेख किया कि सरकार ने पिछले साल जीएसटी 2.0 और रेपो रेट में कटौती जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाए, जिससे समग्र यात्री वाहन उद्योग की मांग बढ़ी है।

विस्तार से बताते हुए चंद्रा ने कहा कि वाणिज्यिक क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाले ईवी, कुल यात्री वाहन बिक्री का केवल सात प्रतिशत हैं, लेकिन कुल यात्री किलोमीटर में उनका योगदान लगभग 33-35 प्रतिशत है।

उन्होंने ध्यान दिलाया कि वाणिज्यिक क्षेत्र की इलेक्ट्रिक कारें फेम-2 योजना का हिस्सा थीं, लेकिन वे पीएम ई-ड्राइव योजना में शामिल होने से रह गई हैं।

चंद्रा ने कहा कि एक वाणिज्यिक कार सामान्य यात्री कार की तुलना में पांच गुना अधिक चलती है। इसलिए, इस क्षेत्र को मिलने वाली सहायता का पर्यावरण और तेल आयात पर व्यापक सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। सरकार इसे पीएम ई-ड्राइव में शामिल करने पर विचार कर सकती है।

वाहनों की कीमतें बढ़ाने की योजना के सवाल पर चंद्रा ने कहा कि विदेशी मुद्रा विनिमय दर संबंधी दिक्कतों और कच्चे माल की ऊंची कीमतों के कारण कंपनी के मार्जिन पर दो प्रतिशत का असर पड़ा है, जिसका बोझ अभी तक उपभोक्ताओं पर नहीं डाला गया है।

उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में हम तय करेंगे कि कीमतों में कितनी और कब बढ़ोतरी करनी है। इसकी घोषणा जल्द ही की जाएगी।

Published: January 18, 2026, 18:38 IST

Download Money9 App for the latest updates on Personal Finance.

  • Tata

Related

  • पेट्रोल की कीमतें कम करने के लिए ‘स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व’ का इस्तेमाल करेंगे: ट्रंप
  • तेल कीमत बढ़ने से IOC, BPCL, HPCL का लाभ प्रभावित होने की आशंका:एसएंडपी
  • बहरीन में ईरानी ड्रोन हमले में विलवणीकरण संयंत्र को नुकसान पहुंचा
  • पश्चिम एशिया संकट: रसोई गैस 60, वाणिज्यिक सिलेंडर 114.5 रुपये महंगा; पेट्रोल-डीजल स्थिर
  • टी20 वर्ल्ड कप फाइनल: अहमदाबाद में होटल कमरों के किरायों में 400 प्रतिशत तक का उछाल
  • पश्चिम एशिया संकट से व्यापार, एलएनजी पर निर्भर क्षेत्र हो सकते हैं प्रभावित: क्रिसिल

Latest

  • 1. Know the correct way to get KYC done!
  • 2. Why health insurance claim gets rejected?
  • 3. Power to Respond!
  • 4. What is Asset Under Management?
  • 5. No Worries on Medical Expenses!
  • Contact Us
  • About Us
  • Privacy & Cookies Notice
  • Complaint Redressal
  • Copyright © 2026 Money9. All rights reserved.
  • share
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • LinkedIn
  • Telegram
close