केंद्रीय बजट में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को 4,551 करोड़ रुपये आवंटित किए गए

देश में सामुदायिक रेडियो को बढ़ावा देने के लिए 8 करोड़ रुपये आवंटित किये गए हैं। वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में भी इतनी ही राशि आवंटित की गई थी।

) केंद्रीय बजट में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को 4551.94 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिसका एक बड़ा हिस्सा प्रसार भारती के लिए निर्धारित किया गया है। इसके अलावा, एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स और गेमिंग में प्रतिभा विकास एवं सामुदायिक रेडियो को बढ़ावा देने के लिए भी धनराशि आवंटित की गई है।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा वित्त वर्ष 2026-27 के लिए रविवार को लोकसभा में पेश किए गए बजट में सूचना और प्रचार के लिए 1476.83 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि 2025-26 में इसके लिए संशोधित अनुमान 1207.67 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया था।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के लिए कुल 4551.94 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि 2025-26 के लिए संशोधित अनुमान 6103.02 करोड़ रुपये का था।

बजट में प्रसार भारती के लिए 2291.88 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं और यह राशि वेतन एवं पेंशन सहित अन्य मद में व्यय की जाएगी।

बजट में केंद्रीय संचार ब्यूरो, पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी), प्रकाशन विभाग, न्यू मीडिया विंग, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया निगरानी केंद्र आदि जैसी सरकारी मीडिया इकाइयों के व्यय को भी शामिल किया गया है।

प्रसारण अवसंरचना नेटवर्क विकास के लिए 509.24 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 में इसके लिए संशोधित अनुमान 550 करोड़ रुपये था।

प्रसार भारती के माध्यम से कार्यान्वित की जा रही इस योजना का उद्देश्य आकाशवाणी नेटवर्क का डिजिटलीकरण और एफएम-आधारित प्रसारण करना, अधिक चैनलों को समायोजित करने के लिए डीटीएच प्लेटफॉर्म की क्षमता को उन्नत करना और श्रोताओं के अनुभव को समृद्ध करना है।

फिल्म निर्माण सामग्री के विकास, संचार और प्रसार के लिए 344.55 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिसके तहत सरकार फिल्म महोत्सव, नयी फिल्मों और वृत्तचित्रों के निर्माण के माध्यम से भारतीय सिनेमा को बढ़ावा देती है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए संशोधित अनुमान 423.89 करोड़ रुपये था।

बजट में विकास संचार और सूचना प्रसार के लिए 250 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिसके तहत सरकार विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के बारे में नागरिकों में जागरूकता पैदा करती है ताकि लक्षित लाभार्थी विकास योजनाओं का लाभ उठा सकें और विकास प्रक्रिया में लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। वित्त वर्ष 2025-26 में इसके लिए 196.11 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे।

देश में सामुदायिक रेडियो को बढ़ावा देने के लिए 8 करोड़ रुपये आवंटित किये गए हैं। वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में भी इतनी ही राशि आवंटित की गई थी।

एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (एवीजीसी) क्षेत्र में प्रतिभा विकास के लिए 250 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिसके तहत सरकार 15,000 माध्यमिक विद्यालयों और 500 कॉलेजों में एवीजीसी कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित करके भारत और उसके युवाओं को कंटेंट निर्माण के क्षेत्र में बढ़ावा दे रही है।

बजट में फिल्म और टेलीविजन संस्थान, पुणे के लिए 89.97 करोड़ रुपये, सत्यजीत रे फिल्म और टेलीविजन संस्थान (एसआरएफटीआई), कोलकाता के लिए 80 करोड़ रुपये, भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी) के लिए 83 करोड़ रुपये, भारतीय प्रेस परिषद के लिए 11.22 करोड़ रुपये और राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (एनएफडीसी) के लिए 35 करोड़ रुपये आवंटित किए गए।

पूर्वोत्तर क्षेत्रों में सामाजिक सेवा क्षेत्र के लिए 111.22 करोड़ रुपये की राशि भी आवंटित की गई है।

Published: February 1, 2026, 17:14 IST
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