भारत में चीनी Apple और Samsung का बड़ा कारनामा, बदला ट्रेंड

भारत के स्मार्टफोन बाजार में बड़ा बदलाव आया है, जहां वित्त वर्ष 2025 में पहली बार चीनी स्मार्टफोन कंपनियों की बिक्री में 4.5% की गिरावट दर्ज की गई. एंट्री और मिड-रेंज फोन्स की मांग घटने और प्रीमियम स्मार्टफोन्स की मांग बढ़ने से Apple और Samsung को फायदा हुआ. 45,000 रुपये से ऊपर के सेगमेंट की हिस्सेदारी बढ़कर 47% हो गई है. वहीं Xiaomi, Oppo और Realme जैसे ब्रांड्स को झटका लगा है, जबकि Vivo ने बेहतर प्रदर्शन किया है.

भारत के स्मार्टफोन बाजार में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. वित्त वर्ष 2025 में पहली बार चीनी स्मार्टफोन कंपनियों की बिक्री में गिरावट दर्ज की गई है. एंट्री और मिड-रेंज स्मार्टफोन्स की मांग घटने और ग्राहकों के प्रीमियम डिवाइस की ओर बढ़ते झुकाव के कारण यह बदलाव आया है. भारत में सक्रिय नौ प्रमुख चीनी इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों की कुल आय में करीब 4.5% की कमी दर्ज की गई है, जो बाजार में बदलते ट्रेंड का संकेत है.

Xiaomi, Oppo, OnePlus और Realme को लगा झटका

वित्त वर्ष 2025 में Xiaomi, Oppo, OnePlus और Realme जैसे प्रमुख चीनी ब्रांड्स की बिक्री में गिरावट देखी गई. खासकर 20,000 रुपये से कम कीमत वाले स्मार्टफोन्स की मांग कम होने से इन कंपनियों पर ज्यादा असर पड़ा है. रिपोर्ट के अनुसार, 2023 में इस प्राइस सेगमेंट की बाजार हिस्सेदारी 38% थी, जो 2025 में घटकर 29% रह गई. यह वही सेगमेंट है, जहां चीनी कंपनियों की मजबूत पकड़ रही है.
प्रीमियम सेगमेंट में Apple और Samsung को फायदा

दूसरी ओर, 45,000 रुपये से अधिक कीमत वाले प्रीमियम स्मार्टफोन्स की मांग में तेज बढ़ोतरी हुई है. 2023 में इस सेगमेंट की हिस्सेदारी 36% थी, जो 2025 में बढ़कर 47% हो गई. इसका सीधा फायदा Apple और Samsung को मिला है. वित्त वर्ष 2025 में Apple की भारत में बिक्री 18% बढ़कर 79,378 करोड़ रुपये हो गई, जबकि Samsung की बिक्री 12% बढ़कर 1.11 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई.

बढ़ती लागत से चीनी कंपनियों पर दबाव

इंडस्ट्री विशेषज्ञों के अनुसार, मेमोरी चिप्स की कीमतों में बढ़ोतरी और रुपये की कमजोरी के कारण स्मार्टफोन्स की लागत बढ़ रही है. इसका असर रिटेल कीमतों पर भी पड़ रहा है, जिससे कम कीमत वाले स्मार्टफोन्स की मांग प्रभावित हो रही है. इसका सबसे ज्यादा असर चीनी ब्रांड्स पर पड़ रहा है, क्योंकि इनकी मजबूत मौजूदगी इसी बजट सेगमेंट में रही है.

Vivo ने दिखाया बेहतर प्रदर्शन

जहां ज्यादातर चीनी कंपनियों की बिक्री में गिरावट आई, वहीं Vivo ने बेहतर प्रदर्शन किया है. कंपनी की आय में 11% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार अब तेजी से प्रीमियम डिवाइस और ऑफलाइन रिटेल की ओर बढ़ रहा है, और Vivo इस बदलाव के साथ बेहतर तालमेल बैठाने में सफल रहा है.

कुल खर्च में भी आई कमी

वित्त वर्ष 2025 में भारतीय उपभोक्ताओं ने इन नौ प्रमुख चीनी कंपनियों के इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों पर करीब 1.65 लाख करोड़ रुपये खर्च किए, जो पिछले वर्ष के 1.72 लाख करोड़ रुपये से कम है. यह संकेत देता है कि भारतीय स्मार्टफोन बाजार में अब प्रीमियम ब्रांड्स और उच्च कीमत वाले डिवाइस की मांग तेजी से बढ़ रही है.

Published: February 26, 2026, 08:49 IST
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