देश की आर्थिक वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष में 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान

हालांकि, आंकड़ों के मुताबिक, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों और ‘बिजली, गैस, जल आपूर्ति और अन्य जन केंद्रित सेवा’ क्षेत्रों में चालू वित्त वर्ष के दौरान वृद्धि अपेक्षाकृत मध्यम रहने का अनुमान है।

While referring to “Guide to the Markets”, the data validates that winner amongst different classes keeps on changing, so it becomes far more pertinent to have Asset allocation funds in the portfolio which astutely have built 2 distinct features of exposure of 10%-20% to International Equities and a periodic / factor-based rebalancing.

विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों के बेहतर प्रदर्शन से भारतीय अर्थव्यवस्था के चालू वित्त वर्ष में 7.4 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है। यह वित्त वर्ष 2024-25 के 6.5 प्रतिशत से अधिक है। बुधवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों में यह अनुमान जताया गया।

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की तरफ से जारी राष्ट्रीय आय के प्रथम अग्रिम अनुमानों के मुताबिक, विनिर्माण और निर्माण क्षेत्रों में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान करीब सात प्रतिशत की वृद्धि दर्ज किए जाने की संभावना है।

मंत्रालय ने कहा, ‘वित्त वर्ष 2025-26 में वास्तविक सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) की अनुमानित 7.3 प्रतिशत वृद्धि में सेवा क्षेत्र की मजबूत वृद्धि की प्रमुख भूमिका रही है।’

हालांकि, आंकड़ों के मुताबिक, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों और ‘बिजली, गैस, जल आपूर्ति और अन्य जन केंद्रित सेवा’ क्षेत्रों में चालू वित्त वर्ष के दौरान वृद्धि अपेक्षाकृत मध्यम रहने का अनुमान है।

मंत्रालय ने कहा कि मौजूदा कीमतों पर सकल घरेलू उत्पाद के 2025-26 में आठ प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है।

राष्ट्रीय आय के अग्रिम अनुमानों का इस्तेमाल केंद्रीय बजट की तैयारी के लिए किया जाता है।

वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट एक फरवरी को पेश किए जाने की संभावना है।

Published: January 7, 2026, 17:09 IST
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