
भारत कृत्रिम मेधा (एआई) पर केंद्रित एक उच्च-स्तरीय वैश्विक शिखर सम्मेलन ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ की मेजबानी करने जा रहा है।
यह शिखर सम्मेलन विश्व नेताओं और उद्योग जगत के दिग्गजों को एक मंच पर लाएगा।
एआई को बिजली के आविष्कार के बाद सबसे बड़े परिवर्तनकारी प्रौद्योगिकी के रूप में देखा जा रहा है।
यह शिखर सम्मेलन 16 से 20 फरवरी तक भव्य ‘भारत मंडपम’ में आयोजित होगा, जहां नीति-निर्माता, उद्योग जगत के दिग्गज और प्रौद्योगिकी नवोन्मेषक एकत्र होंगे।
भारत के लिए यह वैश्विक शिखर सम्मेलन इस बात को रेखांकित करता है कि वह केवल भागीदार नहीं, बल्कि एआई युग के नियमों, मानकों और अवसरों को आकार देने वाला प्रमुख निर्माता बनना चाहता है।
सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सचिव एस. कृष्णन ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “हमारा मुख्य संदेश यह है कि एआई का विकास जन-केंद्रित और समावेशी होना चाहिए। एआई संसाधनों तक लोकतांत्रिक पहुंच होनी चाहिए और लोगों को इस प्रक्रिया के केंद्र में रखा जाना चाहिए।”
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निमंत्रण पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा सहित कई वैश्विक नेता सम्मेलन में भाग लेंगे। 45 से अधिक देशों के मंत्रिस्तरीय प्रतिनिधिमंडल शामिल होंगे।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठनों के वरिष्ठ अधिकारी भी विचार-विमर्श में भाग लेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी सम्मेलन को संबोधित करेंगे, एक्सपो का दौरा करेंगे और प्रमुख मुख्य कार्यपालक अधिकारियों (सीईओ) के साथ संवाद करेंगे।
सम्मेलन में सुंदर पिचाई, सैम ऑल्टमैन, डेमिस हसाबिस, डारियो अमोदेई और ब्रैड स्मिथ जैसे प्रमुख वैश्विक प्रौद्योगिकी दिग्गज भी शामिल होंगे।
हाल ही में प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में 12 भारतीय एआई स्टार्टअप ने अपने कार्य और विचार साझा किए हैं।
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