FDTL मानकों के पालन के लिए सभी जरूरी इंतजाम पूरे: इंडिगो

विमान कंपनी इंडिगो को दिसंबर में बड़े पैमाने पर परिचालन संबंधी व्यवधान के बाद नियामकीय कार्रवाई का सामना करना पड़ा था।

Scindia tweeted on Monday that, "Owing to the constructive policies of the government, domestic air traffic has seen the highest level, post the onset of the pandemic".

इंडिगो ने विमानन नियामक डीजीसीए को बताया है कि संशोधित पायलट ड्यूटी मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक परिचालन, ‘रोस्टरिंग’ और निगरानी व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

विमान कंपनी इंडिगो को दिसंबर में बड़े पैमाने पर परिचालन संबंधी व्यवधान के बाद नियामकीय कार्रवाई का सामना करना पड़ा था।

विमानन कंपनी को नए उड़ान ड्यूटी समय सीमा (एफडीटीएल) मानकों पर मिली अस्थायी छूट मंगलवार को समाप्त होने के बाद, नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने बुधवार को बयान जारी कर कंपनी की ओर से दी गई प्रगति रिपोर्ट एवं आश्वासन की जानकारी दी।

इंडिगो में परिचालन का अत्यधिक अनुकूलन, अपर्याप्त नियामक तैयारी, सिस्टम सॉफ्टवेयर समर्थन में कमियां एवं प्रबंधन संरचना और परिचालन नियंत्रण में खामियां उन प्रमुख कारणों में से थीं जिनके कारण व्यवधान उत्पन्न हुए, जिसके बाद डीजीसीए ने विमानन की शीतकालीन निर्धारित उड़ानों में 10 प्रतिशत की कटौती भी की थी।

इंडिगो के तीन से पांच दिसंबर के बीच 2,507 उड़ानें रद्द किए जाने की पृष्ठभूमि में, डीजीसीए ने संशोधित एफडीटीएल मानकों के क्रियान्वयन में कुछ ढील देने के लिए विमानन कंपनी के अनुरोध को 10 फरवरी तक का समय दिया था।

डीजीसीए की ओर से बुधवार को जारी बयान के अनुसार, इंडिगो ने बताया है कि दिया गया समय समाप्त होने के बाद वह वैधानिक प्रावधानों के पालन और नौ अक्टूबर 2025 को स्वीकृत एफडीटीएल योजना को लागू करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

विमानन कंपनी ने कहा कि 11 फरवरी 2026 से स्वीकृत एफडीटीएल योजना के पूर्ण अनुपालन के लिए सभी जरूरी परिचालन, ‘रोस्टरिंग’ और निगरानी व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं।

एफडीटीएल से जुड़ी छूट पायलट की रात्रिकालीन ड्यूटी अवधि और रात में विमान उतारने (लैंडिंग) से संबंधित थी।

डीजीसीए ने कहा कि उड़ान संचालन को स्थिर करने के लिए दी गई दोनों छूटें निर्धारित शर्तों, प्रति घंटे उड़ान संचालन आंकड़े जमा करने तथा साप्ताहिक/पाक्षिक परिचालन प्रदर्शन रिपोर्ट सौंपने के अधीन थीं।

इंडिगो की घरेलू बाजार हिस्सेदारी दिसंबर में घटकर 59.6 प्रतिशत रह गई थी, जो नवंबर में 63.6 प्रतिशत थी तब वह प्रतिदिन करीब 2,200 उड़ानों का संचालन करती थी।

बयान में डीजीसीए ने कहा कि छूट की अवधि के दौरान इंडिगो के उड़ान संचालन की नियमित समीक्षा बैठकों के माध्यम से करीबी निगरानी की गई तथा यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए नियामक अधिकारियों को विभिन्न हवाई अड्डों पर तैनात किया गया।

इसके अलावा, उड़ान संचालन निरीक्षकों को वास्तविक समय निगरानी के लिए इंडिगो के संचालन नियंत्रण केंद्र में तैनात किया गया जिससे छूट अवधि के दौरान निरंतर नियामकीय निगरानी बनी रही।

डीजीसीए ने 20 जनवरी को कहा था कि निरंतर नियामकीय निगरानी और सुधारात्मक कदमों से इंडिगो का परिचालन स्थिर हुआ है और अब इंडिगो के पास नए उड़ान ड्यूटी मानकों के पालन के लिए पर्याप्त संख्या में पायलट उपलब्ध हैं।

इंडिगो की ओर से प्रस्तुत जानकारी का हवाला देते हुए नियामक ने बताया था कि आवश्यक 2,280 की तुलना में 2,400 कमांड पायलट उपलब्ध हैं जबकि प्रथम अधिकारियों की संख्या 2,050 की जरूरत के मुकाबले 2,240 है।

मंगलवार को इंडिगो के प्रवक्ता ने कहा कि पहले दिए गए आश्वासन के अनुसार कंपनी के पास अपने ‘नेटवर्क’ में स्थिर परिचालन सुनिश्चित करने के लिए पायलट सहित पर्याप्त संख्या में कर्मचारी हैं।

डीजीसीए ने दिसंबर में हुए व्यापक व्यवधान के बाद विमानन कंपनी की शीतकालीन सेवाओं में 10 प्रतिशत कटौती की थी। जांच के बाद कुल 22.20 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था। साथ ही निर्देशों के अनुपालन और दीर्घकालिक प्रणालीगत सुधार सुनिश्चित करने के लिए 50 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी जमा कराने को कहा गया था।

इसके अलावा, नियामक ने निगरानी, योजना एवं संशोधित एफडीटीएल मानकों के क्रियान्वयन में कमियों को लेकर इंडिगो के वरिष्ठ प्रबंधन को आगाह किया था। नियामक ने संबंधित वरिष्ठ उपाध्यक्ष को परिचालन जिम्मेदारियों से हटाने का निर्देश दिया और आगे की कार्रवाई करते हुए अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा था।

Published: February 11, 2026, 14:04 IST
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