
सूचना प्रौद्योगिकी सेवा कंपनी एचसीएल टेक का चालू वित्त वर्ष की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ 11.2 प्रतिशत गिरकर 4,076 करोड़ रुपये रहा. नए श्रम कानूनों के लिए 719 करोड़ रुपये का एकमुश्त प्रावधान करने से इसके लाभ में गिरावट आई है.
एचसीएल ने सोमवार को शेयर बाजार को अक्टूबर-दिसंबर, 2025 तिमाही के इस वित्तीय नतीजे की सूचना दी. एक साल पहले की समान तिमाही में उसने 4,591 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ (कंपनी के मालिकों को देय) दर्ज किया था.
हालांकि आलोच्य तिमाही में कंपनी का परिचालन राजस्व 13.3 प्रतिशत बढ़कर 33,872 करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही में 29,890 करोड़ रुपये था.
कंपनी ने कहा कि पिछली तिमाही में नए श्रम कानूनों को लागू किए जाने से उसे 8.2 करोड़ डॉलर (करीब 719 करोड़ रुपये) का एकमुश्त वित्तीय प्रावधान करना पड़ा. अगर ऐसा न होता तो उसका शुद्ध लाभ करीब 4,795 करोड़ रुपये होता.
नियामकीय सूचना के मुताबिक, नए श्रम कानून लागू होने से कंपनी की ब्याज एवं करों से पूर्व की आय (ईबीआईटीडीए) पर 10.9 करोड़ डॉलर (956 करोड़ रुपये) का प्रभाव पड़ा है.
वित्त वर्ष 2025-26 की जुलाई-सितंबर तिमाही की तुलना में कंपनी का लाभ 3.7 प्रतिशत घटा जबकि उसके राजस्व में छह प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई.
एचसीएल टेक के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक सी. विजयकुमार ने कहा, “इस तिमाही में मजबूत राजस्व वृद्धि के चलते कंपनी की वार्षिक आय 15 अरब डॉलर के स्तर को पार कर गई है. इस दौरान हमारी नई बुकिंग असाधारण रूप से बढ़कर तीन अरब डॉलर तक पहुंच गई.”
उन्होंने कहा, ‘एचसीएल सॉफ्टवेयर का राजस्व तिमाही आधार पर 28.1 प्रतिशत और स्थिर मुद्रा के आधार पर सालाना 3.1 प्रतिशत बढ़ा, जिसे मौसमी मांग और डेटा इंटेलिजेंस पोर्टफोलियो से बल मिला. कंपनी विभिन्न उद्योगों और सेवा क्षेत्रों में ग्राहकों की उभरती कृत्रिम मेधा (एआई) जरूरतों को पूरा करने के लिए अच्छी स्थिति में है.’
कंपनी ने समीक्षाधीन तिमाही में 2,852 नए स्नातकों को नियुक्त किया. कंपनी ने कहा कि वह पिछले साल की तुलना में इस वित्त वर्ष में स्नातकों की अधिक भर्ती करेगी.
दिसंबर तिमाही के अंत में एचसीएल टेक के कुल कर्मचारियों की संख्या तिमाही आधार पर 261 घटकर 2,26,379 रही.
इस बीच, एचसीएल टेक के निदेशक मंडल ने दो रुपये अंकित मूल्य वाले शेयर के लिए 12 रुपये प्रति शेयर का अंतरिम लाभांश देने की अनुशंसा की है.