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ICICI Pru MF ने लॉन्‍च किया कॉन्ग्लोमरेट फंड का NFO, 17 अक्‍टूबर तक है मौका

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड ने आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल कॉन्ग्लोमरेट फंड लॉन्च करने की घोषणा की है. यह एक ओपन-एंडेड इक्विटी योजना है जो कॉन्ग्लोमरेट थीम का पालन करेगी. कॉन्ग्लोमरेट वे प्रमोटरों के नेतृत्व वाले समूह होते हैं जो भारत में स्थित हैं और जिनकी दो या अधिक सूचीबद्ध कंपनियां अलग-अलग सेक्टरों या उद्योगों में होती हैं.

  • Money9
  • Last Updated : October 3, 2025, 10:53 IST
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ICICI Pru AMC
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आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड ने आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल कॉन्ग्लोमरेट फंड लॉन्च करने की घोषणा की है. यह एक ओपन-एंडेड इक्विटी योजना है जो कॉन्ग्लोमरेट थीम का पालन करेगी. कॉन्ग्लोमरेट वे प्रमोटरों के नेतृत्व वाले समूह होते हैं जो भारत में स्थित हैं और जिनकी दो या अधिक सूचीबद्ध कंपनियां अलग-अलग सेक्टरों या उद्योगों में होती हैं. मजबूत प्रमोटरों और विविध कारोबारी गतिविधियों के बल पर ये समूह मंदी के समय को संभालने, नए उभरते सेक्टरों में विस्तार करने और अलग-अलग क्षेत्रों या उद्योगों में अवसरों को भुनाने के लिए अच्छी स्थिति में रहते हैं.

लॉन्च पर बोलते हुए आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी के ईडी और सीआईओ एस नरेन ने कहा, “भारत के प्रमुख कारोबारी समूहों ने दशकों से खुद को दोबारा गढ़ने की अद्भुत क्षमता दिखाई है, चाहे वह संगठित रिटेल की शुरुआत करना हो, टेलीकॉम को बदलना हो, या फिर रिन्‍यूवेबल एनर्जी सेमीकंडक्टर जैसे भविष्य-उन्मुख (future-ready) क्षेत्रों में प्रवेश करना हो. वे पैमाने के साथ दूरदर्शिता और मजबूती के साथ अनुकूलन क्षमता (vision, and resilience with adaptability) को जोड़ते हैं. इस फंड के जरिए हम उसी ताकत को कैद करना चाहते हैं और निवेशकों को एक ऐसी थीम देना चाहते हैं जिसमें भारत की बदलती हुई ग्रोथ स्टोरी की झलक मिलती है.”

कॉन्ग्लोमरेट्स ही क्‍यों?

कॉन्ग्लोमरेट्स को ऐसी संरचनात्मक बढ़त (structural advantages) मिलती है, जिसमें मजबूती और विकास (resilience and growth) दोनों शामिल हैं. मजबूत पूंजी और संतुलित बैलेंस शीट: अपेक्षाकृत अधिक ऑपरेटिंग कैश फ्लो पूंजीगत खर्च (capital expenditure) और वर्किंग कैपिटल की ज़रूरतों को पूरा करने में मदद करता है. कम पूंजी लागत: मजबूत क्रेडिट रेटिंग अस्थिर समय में सहायक होती है. बड़े पैमाने की अर्थव्यवस्थाएं: साझा संसाधन (shared resources), तकनीकी साझेदारी और बड़े ग्राहक आधार लागत दक्षता और टैलेंट बनाए रखने में मदद करते हैं. फॉरवर्ड, बैकवर्ड और एडजेसेंट इंटीग्रेशन: कई समूह लॉजिस्टिक्स, एनर्जी, वित्तीय शाखाओं या डिज़ाइन जैसे क्षेत्रों में विस्तार करते हैं, जिससे सप्लाई स्थिर होती है, लागत घटती है और नए राजस्व स्रोत बनते हैं. मंदी के समय प्रबंधन की क्षमता: अलग-अलग क्षेत्रों में विविध राजस्व स्रोत उन्हें कठिन कारोबारी चक्रों (business cycles) से निपटने, कमजोर प्रतिद्वंद्वियों को खरीदने और मंदी के दौरान विस्तार करने में सक्षम बनाते हैं. उभरते क्षेत्रों में विस्तार: कॉन्ग्लोमरेट्स की मौजूदगी रिनीवेबल एनर्जी, सेमीकंडक्टर्स, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी आदि क्षेत्रों में है.

मौजूदा वैश्विक और घरेलू माहौल कॉन्ग्लोमरेट्स के लिए और भी मजबूत केस बनाता है:

वैश्विक चुनौतियां: परस्पर शुल्क (Reciprocal tariffs), सप्लाई चेन में रुकावटें और ऊंची उधारी लागत (high borrowing costs) ग्रोथ पर दबाव डाल रही हैं और महंगाई बढ़ा रही हैं. विविध कारोबारी समूह इस अस्थिरता से बेहतर ढंग से निपट सकते हैं.

बाजार हिस्सेदारी में लगातार वृद्धि: आंकड़े बताते हैं कि निफ्टी 100 में कॉन्ग्लोमरेट्स की हिस्सेदारी बढ़ रही है, जो भारत के कॉर्पोरेट परिदृश्य में उनकी बढ़ती अहमियत को दर्शाता है. स्रोत: नुवामा, डेटा 31 जुलाई, 2025 तक. स्थिर कमाई: कमजोर मुनाफ़े की अवधि में भी विविध कारोबारी समूहों ने अपेक्षाकृत अधिक स्थिर कैश फ्लो दिखाया है. हर दौर में ग्रोथ: चाहे इंफ्रास्ट्रक्चर की मंदी हो, तरलता (liquidity) संकट हो या टेलीकॉम में रुकावट, कॉन्ग्लोमरेट्स ने लगातार बाजार हिस्सेदारी मजबूत की है जबकि छोटे खिलाड़ी संघर्ष करते रहे.

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल कॉन्ग्लोमरेट फंड

यह योजना बड़े, मझोले और छोटे सभी प्रकार की कंपनियों में निवेश करने की लचीलापन रखती है, जिससे अवसरों का बड़ा दायरा मिलता है. पोर्टफोलियो निर्माण का तरीका संरचनात्मक मजबूती (structural strength) और चक्रीय अवसरों (cyclical opportunities) का मेल करेगा, जिससे आर्थिक चक्र के अलग-अलग चरणों में भागीदारी हो सके. निवेश का दायरा 71* कॉन्ग्लोमरेट समूहों को कवर करता है जिसमें करीब 240* कंपनियां कई सेक्टरों में शामिल हैं.

इस योजना का प्रबंधन श्री ललित कुमार करेंगे और इसका बेंचमार्क बीएसई सेलेक्ट बिज़नेस ग्रुप्स इंडेक्स है. एनएफओ के दौरान न्यूनतम आवेदन राशि 1000 रुपये है.

आज के वैश्विक और घरेलू अनिश्चित माहौल में, कॉन्ग्लोमरेट्स न केवल पूंजी की सुरक्षा बल्कि लंबी अवधि में धन सृजन के अवसर पकड़ने के लिए भी बेहतर स्थिति में हैं. आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल कॉन्ग्लोमरेट फंड निवेशकों को यह अवसर प्रदान करता है कि वे अलग-अलग क्षेत्रों और कंपनियों में लचीले ढंग से भागीदारी कर सकें.

Published: October 3, 2025, 10:53 IST

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