• money9
  • Insurance
  • Saving
  • Mutual Funds
  • Mirae Asset MF
  • Breaking Briefs
downloadDownload The App
Close
  • Home
  • Videos
  • Podcast
  • Banking
  • Bulletin
  • Gold
  • Healthcare
  • Real Estate
  • Tax
  • Travel
  • Survey 2023
  • Survey Report
  • Breaking Briefs
  • Insurance
  • Savings
  • Loan
  • Crypto
  • Investment
  • Mutual Funds
  • Real Estate
  • Tax
  • Exclusive
  • Home / Latest News

ईंधन की कोई कमी नहीं, अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराहट में खरीदारी से बचें: तेल कंपनियां

देश की सबसे बड़ी तेल कंपनी ‘इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन’ (आईओसी) ने कहा, ‘‘पेट्रोल या डीजल की कोई कमी नहीं है। ’’

  • Money9
  • Last Updated : March 25, 2026, 14:22 IST
  • Follow
  • Follow

सरकारी तेल कंपनियों ने बुधवार को कहा कि देश में पेट्रोल, डीजल या एलपीजी की कोई कमी नहीं है। साथ ही उन्होंने लोगों से सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर विश्वास न करने तथा घबराहट में ईंधन खरीदने से बचने की अपील की।

देश की सबसे बड़ी तेल कंपनी ‘इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन’ (आईओसी) ने कहा, ‘‘पेट्रोल या डीजल की कोई कमी नहीं है। ’’

कंपनी ने बताया कि उसके पेट्रोल पंप पर्याप्त ईंधन से भरे हैं और पूरी तरह संचालित हैं।

आईओसी ने आगाह किया कि अफवाहें अनावश्यक चिंता पैदा कर सकती हैं और सामान्य आपूर्ति व्यवस्था को बाधित कर सकती हैं। कंपनी ने लोगों से घबराहट में खरीदारी से बचने और केवल सत्यापित जानकारी पर भरोसा करने को कहा है।

भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने कुछ क्षेत्रों में ईंधन की कमी की खबरों को ‘‘पूरी तरह निराधार’’ बताया और कहा कि पूरे देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है।

कंपनी ने कहा कि भारत पेट्रोल एवं डीजल का शुद्ध निर्यातक है और उसके पास कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल तथा विमानन ईंधन (एटीएफ) का पर्याप्त भंडार है। आपूर्ति श्रृंखला बिना किसी व्यवधान के सुचारु रूप से जारी है।

बीपीसीएल ने कहा कि कंपनी पूरी तरह संचालित है और निर्बाध ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) ने भी कहा कि देश में पेट्रोल, डीजल या एलपीजी की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति स्थिर है तथा भंडार पर्याप्त है।

कंपनी ने ग्राहकों को अफवाहों से गुमराह न होने एवं घबराहट में खरीदारी न करने की सलाह देते हुए कहा कि वे सामान्य खपत ‘पैटर्न’ बनाए रखें।

एचपीसीएल ने अपने नेटवर्क में निर्बाध और सुचारु ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण कच्चे तेल, एलएनजी और एलपीजी की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएं प्रभावित हुई हैं। हालांकि विविध स्रोतों से आयात के कारण भारत पश्चिम अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और अमेरिका से पर्याप्त कच्चा तेल हासिल करने में सफल रहा है।

कतर में भारत के सबसे बड़े आपूर्तिकर्ता की गैस सुविधाएं युद्ध से प्रभावित होने के कारण द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की आपूर्ति में बाधा आई है। इससे घरेलू उपभोक्ताओं और सीएनजी (संपीड़ित प्राकृतिक गैस) को प्राथमिकता दी गई जबकि उर्वरक संयंत्र जैसे औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए आपूर्ति कुछ हद तक सीमित की गई है।

युद्ध का सबसे अधिक असर एलपीजी पर पड़ा है, क्योंकि देश अपनी कुल मांग का लगभग 60 प्रतिशत आयात से पूरा करता है। इसका बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आता है, जहां से आपूर्ति प्रभावित हुई है।

इस स्थिति में सरकार ने घरेलू रसोई गैस आपूर्ति को प्राथमिकता दी और होटल-रेस्तरां जैसे वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए एलपीजी उपयोग को कम से कम आधा कर दिया गया है।

Published: March 25, 2026, 14:22 IST

Download Money9 App for the latest updates on Personal Finance.

  • crude

Related

  • भारत का दूध उत्पादन 2025 में बढ़कर हुआ 24.7 करोड़ टन
  • फ्लिपकार्ट समूह के CFO का इस्तीफा; निशांत वर्मन वरिष्ठ उपाध्यक्ष के रूप में लौटे
  • आईपीएल से पहले अवैध मनी गेमिंग ऐप पर सरकार का प्रतिबंध
  • इस फंड में एक लाख का निवेश बन गया 40 लाख रुपये से ज्यादा
  • RGRL शेयर हेरफेर मामला:18 संस्थाओं पर 2.8 करोड़ का जुर्माना,पांच साल तक बाजार से प्रतिबंधित
  • युद्ध के बीच गोल्ड फंडों में बढ़ा आकर्षण, निप्पॉन ने दिया एक साल में 84 फीसदी रिटर्न

Latest

  • 1. Know the correct way to get KYC done!
  • 2. Why health insurance claim gets rejected?
  • 3. Power to Respond!
  • 4. What is Asset Under Management?
  • 5. No Worries on Medical Expenses!
  • Contact Us
  • About Us
  • Privacy & Cookies Notice
  • Complaint Redressal
  • Copyright © 2026 Money9. All rights reserved.
  • share
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • LinkedIn
  • Telegram
close