
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा पेशेवर पूर्वानुमानकर्ताओं पर किए गए अध्ययन के अनुसार, अगले वित्त वर्ष में भारत की वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि 6.5 से 6.9 प्रतिशत के बीच रहने की संभावना है।
आरबीआई ने कहा, ‘पेशेवर पूर्वानुमानकर्ताओं ने वित्त वर्ष 2025-26 में वास्तविक जीडीपी वृद्धि सात से 7.4 प्रतिशत और 2026-27 में 6.5 से 6.9 प्रतिशत रहने की सबसे अधिक संभावना जताई है।’
सरकार द्वारा जारी प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में अर्थव्यवस्था 7.4 प्रतिशत की दर से बढ़ने की उम्मीद है।
सर्वेक्षण जनवरी में किया गया था, जिसमें 44 विशेषज्ञों ने भाग लिया।
सर्वेक्षण के अनुसार, अप्रैल-जून 2026 की तिमाही में जीडीपी वृद्धि का अनुमान 6.9 प्रतिशत और जुलाई-सितंबर 2026 की तिमाही के लिए 7.0 प्रतिशत किया गया है।
सर्वेक्षण में कहा गया कि वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में जीडीपी 7.3 प्रतिशत बढ़ने की संभावना है, जबकि अगले चार तिमाहियों में यह 6.7 से सात प्रतिशत रहने का अनुमान है।
सर्वेक्षण में यह भी कहा गया कि वित्त वर्ष 2025-26 में निजी अंतिम उपभोग व्यय और सकल स्थायी पूंजी निर्माण दोनों 7.4 प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है।
वहीं वित्त वर्ष 2026-27 में ये क्रमशः 7.1 और 7.2 प्रतिशत रहने की संभावना है
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