
भारत ने चालू वित्त वर्ष के पहले 10 माह अप्रैल-जनवरी के दौरान सभी ऊर्जा स्रोतों से रिकॉर्ड 50 गीगावाट (एक गीगावाट बराबर एक हजार मेगावाट) से अधिक बिजली क्षमता जोड़ी है।
बिजली मंत्रालय ने बताया कि यह किसी एक साल में अब तक की सबसे अधिक वृद्धि है। इसने वित्त वर्ष 2024-25 में हासिल किए गए 34,054 मेगावाट के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।
चालू वित्त वर्ष 2025-26 (31 जनवरी तक) के दौरान, सभी स्रोतों से रिकॉर्ड 52,537 मेगावाट उत्पादन क्षमता जोड़ी गई।
चालू वित्त वर्ष 2025-26 (31 जनवरी तक) में जो नई बिजली क्षमता जोड़ी गई, उसका 39,657 मेगावाट हिस्सा नवीकरणीय ऊर्जा से आया। इसमें 34,955 मेगावाट सौर बिजली और 4,613 मेगावाट पवन ऊर्जा शामिल है। इस अवधि में देश की कुल स्थापित बिजली क्षमता में 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।