• money9
  • Insurance
  • Saving
  • Mutual Funds
  • Mirae Asset MF
  • Breaking Briefs
downloadDownload The App
Close
  • Home
  • Videos
  • Podcast
  • Banking
  • Bulletin
  • Gold
  • Healthcare
  • Real Estate
  • Tax
  • Travel
  • Survey 2023
  • Survey Report
  • Breaking Briefs
  • Insurance
  • Savings
  • Loan
  • Crypto
  • Investment
  • Mutual Funds
  • Real Estate
  • Tax
  • Exclusive
  • Home / Latest News

अनरजिस्‍टर्ड निवेश सलाहकारों से खतरा, 70 हजार भ्रामक सोशल मीडिया पोस्ट, खाते हटाए गए: नारायण

सेबी के पूर्णकालिक सदस्य अनंत नारायण जी ने शुक्रवार को कहा कि पिछले साल 'फिन-इन्फ्लुएंसर' ढांचे के क्रियान्वयन के बाद से सोशल मीडिया मंचों के साथ परामर्श कर 70,000 भ्रामक खाते और ‘पोस्ट’ हटाए गए हैं.

  • Money9
  • Last Updated : March 21, 2025, 18:12 IST
  • Follow
सेबी
  • Follow

बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पूर्णकालिक सदस्य अनंत नारायण जी ने शुक्रवार को कहा कि पिछले साल ‘फिन-इन्फ्लुएंसर’ ढांचे के क्रियान्वयन के बाद से सोशल मीडिया मंचों के साथ परामर्श कर 70,000 भ्रामक खाते और ‘पोस्ट’ हटाए गए हैं. सोशल मीडिया पर वित्तीय मामलों में लोगों को प्रभावित करने की क्षमता रखने वालों को फिन-इन्फ्लुएंसर कहते हैं.

नारायण ने बताया कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों द्वारा शेयर बेचने की चिंताओं के बीच कुल मिलाकर निवेश प्रवाह उतना बुरा नहीं है, जितना सोचा गया था. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत में एफआईआई का निवेश जारी है.

नारायण ने कहा कि अपंजीकृत निवेश सलाहकार और शोध विश्लेषक एक ‘‘खतरा’’ हैं, जो निवेश में बढ़ती रुचि का फायदा उठा रहे हैं.

उन्होंने यहां पंजीकृत निवेश सलाहकारों द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ‘अक्टूबर 2024 से सेबी ने 70,000 से अधिक भ्रामक खातों/‘पोस्ट’ को हटाने के लिए सोशल मीडिया कंपनियों के साथ काम किया है.’

सेबी के पूर्णकालिक सदस्य ने कहा कि उन्होंने अनुपालन सुनिश्चित करने में सलाहकारों की मदद मांगी. उन्होंने साथ ही सेबी-पंजीकृत संस्थाओं की पहचान करने में मदद के लिए यूपीआई ‘पेराइट’ खाते और इस दिशा में सेबी के प्रयासों के रूप में वैकल्पिक केंद्रीकृत शुल्क संग्रह तंत्र का उल्लेख किया.

वाणिज्यिक बैंकर से नियामक बने नारायण ने विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (एफपीआई) की निकासी पर कहा कि स्थिति उतनी बुरी नहीं है, लेकिन ‘‘ हमें आत्मसंतुष्ट नहीं होना चाहिए, क्योंकि भारत को विदेशी बचत की आवश्यकता है.’’

उन्होंने कहा कि फरवरी 2025 तक एफपीआई के पास भारतीय शेयर में 62 लाख करोड़ रुपये या 700 अरब डॉलर से अधिक और ऋण के रूप में करीब 5.9 लाख करोड़ रुपये या 68 अरब डॉलर थे.

नारायण ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में शेयर और ऋण में 54 अरब अमेरिकी डॉलर का विदेशी प्रवाह देखा गया है, जो पिछले पांच वर्षों के 19 अरब अमेरिकी डॉलर से बहुत अधिक है.

उन्होंने कहा कि विदेशी निवेशकों की रुचि बनाए रखने के लिए निरंतर वृद्धि, व्यापक आर्थिक स्थिरता और कामकज का उचित माहौल देने की जरूरत है.

Published: March 21, 2025, 18:12 IST

Download Money9 App for the latest updates on Personal Finance.

  • finfluencers sebi ruling

Related

  • आईपीएल से पहले अवैध मनी गेमिंग ऐप पर सरकार का प्रतिबंध
  • इस फंड में एक लाख का निवेश बन गया 40 लाख रुपये से ज्यादा
  • RGRL शेयर हेरफेर मामला:18 संस्थाओं पर 2.8 करोड़ का जुर्माना,पांच साल तक बाजार से प्रतिबंधित
  • युद्ध के बीच गोल्ड फंडों में बढ़ा आकर्षण, निप्पॉन ने दिया एक साल में 84 फीसदी रिटर्न
  • इंडिगो 14 मार्च से घरेलू, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए ईंधन शुल्क वसूलेगी
  • मर्सिडीज अप्रैल से अपने सभी वाहनों की कीमतों में दो प्रतिशत की करेगी बढ़ोतरी

Latest

  • 1. Know the correct way to get KYC done!
  • 2. Why health insurance claim gets rejected?
  • 3. Power to Respond!
  • 4. What is Asset Under Management?
  • 5. No Worries on Medical Expenses!
  • Contact Us
  • About Us
  • Privacy & Cookies Notice
  • Complaint Redressal
  • Copyright © 2026 Money9. All rights reserved.
  • share
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • LinkedIn
  • Telegram
close