
जेफरीज की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय आईटी सेक्टर के लिए 2025 का आउटलुक पॉजिटिव है, जिसमें मांग में सुधार और विकास दर में वृद्धि की उम्मीद है. रिपोर्ट में 9 आईटी स्टॉक्स के टारगेट प्राइस भी दिए गए हैं, जिनमें इंफोसिस, टीसीएस, विप्रो और टेक महिंद्रा जैसे स्टॉक शामिल हैं.

मोतीलाल ओसवाल की इस रिपोर्ट में म्यूचुअल फंड और फाइनेंशियल स्टॉक्स के करेंट मार्केट प्राइस, टारगेट प्राइस, और उनके संभावित रिटर्न पर एक डिटेल एनालिसिस दिया है. साल 2025 में जो नए स्टॉक्स को अपने पोर्टफोलियो में डालना चाहते हैं वो इस लिस्ट से मदद ले सकते हैं.

सरकार ने GST कलेक्शन को लेकर आंकड़ा जारी कर दिया है. जारी आंकडे़ के मुताबिक, दिसंबर में GST कलेक्शन में 7.3 फीसदी की बढ़ोतरी आई है जिसके बाद वह बढ़कर 1.77 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है. पिछले साल यानी 2023 के दिसंबर के दौरान यह आंकड़ा 1.65 करोड़ रुपये था.

नए साल में बेहतर रिटर्न की उम्मीद में निवेशक पोर्टफोलियो में बदलाव करने की सोच रहे हैं. ICICI Direct Research की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025 में कंपनियों की कमाई में 7% की बढ़त देखने को मिल सकती है. लेकिन 2025 में किन सेक्टर्स और किन स्टॉक्स पर दांव लगाए, यहां यही बताएंगे.

UPI पेमेंट की पहुंच को बढ़ाने और यूजर्स की सहूलियत के लिए इससे जुड़े नियम में बदलाव किया जा रहा है. यह नियम UPI 123Pay के लिए है, जो 1 जनवरी 2025 से लागू होगा. तो क्या होंगे बदलाव और इससे यूजर्स को क्या होगा फायदा आइए जानते हैं.

2024 के टॉप 10 म्यूचुअल फंड्स में मिराए एसेट के दो फंड्स, मोतीलाल ओसवाल के पांच फंड्स, LIC इंफ्रा और HDFC डिफेंस फंड शामिल हैं. मिराए एसेट NYSE FANG+ ETF FoF ने 82.43% और Motilal Oswal Midcap Fund ने 60.52% रिटर्न दिया.

Motilal Oswal की रिपोर्ट में PNB Housing Finance की पॉजिटिव तस्वीर पेश की गई है. हालांकि, रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि आर्थिक रिस्क कंपनी के प्रदर्शन पर असर डाल सकते हैं. यहां आपको बताएंगे कंपनी को लेकर क्या है आउटलुक और टारगेट प्राइस…

Since its inception in 2008, Edelweiss Mutual Fund has expanded its presence from just six locations to 33.

Term insurance gives a fairly large sum of money, which guarantees that your family will not suffer financially after your death.

Driven by the aim of protecting India’s uninsured population, the IRDAI has been tweaking the country’s insurance framework to facilitate enhanced insurance penetration through unfettered product innovation powered by technology adoption