
न्यायाधिकरण एनसीएलएटी ने कर्ज में डूबी वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज द्वारा कर्ज अदायगी में की गई चूक के मामले में धूत भाइयों – राजकुमार नंदलाल धूत और प्रदीप नंदलाल धूत की उन याचिकाओं को खारिज कर दिया है, जिसमें उनके खिलाफ व्यक्तिगत दिवाला कार्यवाही शुरू करने को चुनौती दी गई थी।
धूत भाइयों के खिलाफ व्यक्तिगत दिवाला कार्यवाही तब शुरू की गई थी, जब भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज द्वारा ऋण चूक पर 5,353.78 करोड़ रुपये का मांग का नोटिस जारी किया था। वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज मुख्य कर्जदार थी, जिसके लिए ये दोनों भाई व्यक्तिगत गारंटर थे।
राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) की दो सदस्यीय पीठ ने पिछले साल जून में राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की मुंबई पीठ द्वारा पारित उन दो आदेशों को बरकरार रखा है, जिनमें वीडियोकॉन के संस्थापक वेणुगोपाल धूत के भाइयों के खिलाफ दिवाला कार्यवाही शुरू करने का निर्देश दिया गया था।
अपीलीय न्यायाधिकरण ने उनकी इस दलील को भी खारिज कर दिया कि एसबीआई द्वारा दायर याचिकाएं समयसीमा के तहत नहीं थीं।
एनसीएलटी ने धारा 95 के तहत आवेदन को स्वीकार किया था। न्यायाधिकरण इस बात से संतुष्ट था कि कॉरपोरेट कर्जदार (वीडियोकॉन) वित्तीय ऋणदाता द्वारा दी गई ऋण राशि के पुनर्भुगतान में चूक कर चुका है और व्यक्तिगत गारंटर भी पुनर्भुगतान में विफल रहे हैं।
चेयरमैन न्यायमूर्ति अशोक भूषण और सदस्य (तकनीकी) बरुण मित्रा की पीठ ने कहा, ‘‘हमें चार जून, 2024 और 14 जून, 2024 के आदेशों में हस्तक्षेप करने का कोई ठोस आधार नहीं मिला है। दोनों अपीलें खारिज की जाती हैं।’’
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