
केंद्र सरकार ने बृहस्पतिवार को ‘स्विच नीलामी’ के जरिये भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से 75,504.43 करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी प्रतिभूतियां (जी-सेक) वापस खरीद लीं और बदले में 69,436.15 करोड़ रुपये के नए बॉन्ड जारी किए।
वित्त मंत्रालय ने बयान में कहा कि वापस खरीदी गई सरकारी प्रतिभूतियां अगले वित्त वर्ष में परिपक्व होने वाली थीं। इनमें 7.27 प्रतिशत जीएस 2026 के 3,527.69 करोड़ रुपये, 8.33 प्रतिशत जीएस 2026 के 34,957.71 करोड़ रुपये, 8.15 प्रतिशत जीएस 2026 के 19,958.78 करोड़ रुपये और 8.24 प्रतिशत जीएस 2027 के 17,060.24 करोड़ रुपये शामिल हैं।
इन प्रतिभूतियों के बदले में सरकार ने 8.30 प्रतिशत जीएस 2040 के 69,436.15 करोड़ रुपये के बॉन्ड जारी किए।
इस स्विच परिचालन का मकसद अगले वित्त वर्ष में 5.47 लाख करोड़ रुपये की परिपक्वताओं से पैदा होने वाले दबाव को कम करना और ऋण अदायगी देनदारियों का बेहतर प्रबंधन करना है।
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पेश बजट में सकल बाजार उधारी 17.2 लाख करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। इसके पीछे अगले वित्त वर्ष में होने वाली परिपक्वताओं की बड़ी भूमिका रहने वाली है।
सरकार ने अगले वित्त वर्ष के लिए शुद्ध बाजार उधारी 11.7 लाख करोड़ रुपये आंकी है, जो वित्त वर्ष 2025-26 से लगभग 50,000 करोड़ रुपये अधिक है।
बजट घोषणा के बाद अपेक्षा से अधिक सकल उधारी के कारण सरकारी प्रतिभूतियों पर प्रतिफल में 0.10 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई।
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