
बांग्लादेश ने अमेरिका के साथ एक व्यापार समझौता किया है जिसके तहत उस पर लगने वाला शुल्क घटाकर 19 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके तहत अमेरिकी सामग्री से निर्मित कुछ वस्त्र एवं परिधान उत्पादों को छूट भी मिलेगी। अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने यह जानकारी दी।
यूनुस ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर सोमवार को जानकारी दी कि अमेरिका ने “अमेरिका में उत्पादित कपास एवं मानव निर्मित ‘फाइबर’ से बने बांग्लादेश से आने वाले कुछ वस्त्र एवं परिधान उत्पादों को अमेरिकी बाजार में शून्य शुल्क पर जगह देने के लिए एक तंत्र स्थापित करने की प्रतिबद्धता जताई है।’’
अमेरिका समर्थक रुख के लिए पहचाने जाने वाले यूनुस ने कहा कि यह समझौता पिछले साल अप्रैल से नौ महीने की बातचीत के बाद हुआ है।
अमेरिकी वित्त विभाग या अमेरिकी प्रशासन के किसी कार्यालय की ओर से हालांकि इसपर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं आई।
वाणिज्य सचिव महबूबुर रहमान के अनुसार, अमेरिका से आयातित कपास एवं कृत्रिम रेशों से बने बांग्लादेश के प्रमुख निर्यात उत्पाद रेडीमेड गारमेंट्स (आरएमजी) को इस समझौते के तहत शून्य शुल्क देना होगा।
उन्होंने कहा कि समझौते पर अमेरिका में वाणिज्य सलाहकार शेख बशीर उद्दीन और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) जैमीसन ग्रीर ने हस्ताक्षर किए।
वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि कपास के अलावा इस समझौते में अमेरिका से गेहूं, सोयाबीन एवं एलएनजी आयात करने, ई-कॉमर्स पर शुल्क नहीं लगाने, अमेरिका द्वारा निर्धारित बौद्धिक संपदा अधिकार मानकों का पालन करने तथा विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में सुधार के लिए अमेरिकी प्रस्तावों का समर्थन करने जैसे प्रावधान भी शामिल हैं।
बांग्लादेश ने हाल ही में अमेरिकी वैमानिकी कंपनी बोइंग से 25 विमान खरीदने पर सहमति जताई है, जिसकी अनुमानित लागत 30,000–35,000 करोड़ टका है। यह कदम अमेरिकी शुल्क को कम कराने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।
बांग्लादेश के निर्यात संवर्धन ब्यूरो (ईपीबी) के अनुसार, अमेरिका बांग्लादेश का सबसे बड़ा निर्यात बाजार बना हुआ है।
इस दक्षिण एशियाई देश ने पिछले साल अगस्त में अपने निर्यात पर अमेरिकी शुल्क को घटाकर 20 प्रतिशत करा लिया था जो पहले 37 प्रतिशत था।
बांग्लादेशी नीति निर्माताओं ने पहले कहा था कि उन्हें उम्मीद थी कि शुल्क को घटाकर 15 प्रतिशत किया जा सकता है।
व्यापार विश्लेषकों ने हालांकि कहा कि यह समझौता बांग्लादेश के परिधान निर्यातकों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, क्योंकि आरएमजी क्षेत्र की देश की कुल निर्यात आय में 80 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी है। यह क्षेत्र करीब 40 लाख लोगों (जिनमें अधिकतर महिलाएं हैं) को रोजगार देता है और सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में इसका करीब 10 प्रतिशत योगदान है।
अमेरिका ने इस महीने की शुरुआत में भारत पर शुल्क को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने की घोषणा की थी, जिसके बदले भारत से रूसी तेल खरीद रोकने और व्यापार बाधाएं कम करने की अपेक्षा जताई गई थी।
वाणिज्य सचिव ने कहा कि ऐसा हो सकता है कि हाल ही में संपन्न अमेरिका-भारत व्यापार समझौते का असर अमेरिका के इस फैसले पर “संभवतः भू-राजनीतिक कारणों से पड़ा हो।”
बांग्लादेश के सबसे करीबी प्रतिस्पर्धी वियतनाम पर 20 प्रतिशत जवाबी शुल्क लगा है। पाकिस्तान, कंबोडिया और इंडोनेशिया पर भी 19 प्रतिशत शुल्क लगा है।
यह समझौता ऐसे समय हुआ है जब बांग्लादेश में 12 फरवरी को आम चुनाव होने जा रहे हैं।
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