आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड ने आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल कॉन्ग्लोमरेट फंड लॉन्च करने की घोषणा की है. यह एक ओपन-एंडेड इक्विटी योजना है जो कॉन्ग्लोमरेट थीम का पालन करेगी. कॉन्ग्लोमरेट वे प्रमोटरों के नेत
प्रमुख संकेतक दर्शाते हैं कि भारतीय आईटी क्षेत्र को वैश्विक व्यापक आर्थिक अनिश्चितता, ग्राहक लागत अनुकूलन और निर्णय लेने में देरी से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। टीसीएस, इन्फोसिस और एचसीएलटेक जैसी
इसके अलावा, डेवलपर द्वारा न्यूनतम हिस्सेदारी के रूप में अतिरिक्त सुरक्षा उपाय भी किए जाने चाहिए और जोखिम-आधारित प्रीमियम भी लिए जा सकते हैं। सूत्रों ने बताया कि यह कोष नीतिगत अनिश्चितता और अन्य गैर-वाणिज्यिक
सकल माल एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह सितंबर में 9.1 प्रतिशत बढ़कर 1.89 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया. दरों को युक्तिसंगत बनाने के कारण बिक्री में वृद्धि से जीएसटी संग्रह बढ़ा है. बुधवार को जारी सरकारी आंकड़ों में यह जा
आरबीआई ने बयान में कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में हो रहे डिजिटलीकरण से ग्राहकों की बदलती जरूरतों के अनुरूप बीएसबीडी खाते से जुड़े नियमों में बदलाव भी आवश्यक हो गया है. इसलिए, जनता को किफायती बैंकिंग सुविधाएं प्रदा
देश में गन्ने पर रिसर्च के लिए आईसीएआर में एक अलग से टीम बनाई जाएगी जो गन्ने की पॉलिसी और उत्पादन से जुड़ी व्यावहारिक समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करेगी. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस बात का ऐलान किया ह
भुगतान नियामक बोर्ड (पीआरबी), भारतीय रिजर्व बैंक के केंद्रीय बोर्ड की एक समिति, भुगतान और निपटान प्रणाली विनियमन और पर्यवेक्षण बोर्ड (बीपीएसएस) का स्थान लेगा. इस बोर्ड के प्रमुख गवर्नर हैं.
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया, डॉलर के मुकाबले 88.73 पर खुला. कारोबार के दौरान 88.69 से 88.85 प्रति डॉलर के दायरे में कारोबार करने के बाद अंत में 88.80 प्रति डॉलर पर बंद हुआ जो पिछले बंद भाव के मुकाबले पांच पैस
मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक (मुद्रा और जिंस) अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘हमारा अनुमान है कि कमजोर घरेलू बाजारों और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण रुपया कमजोर बना रहेगा.