• money9
  • Insurance
  • Saving
  • Mutual Funds
  • Mirae Asset MF
  • Breaking Briefs
downloadDownload The App
Close
  • Home
  • Videos
  • Podcast
  • Banking
  • Bulletin
  • Gold
  • Healthcare
  • Real Estate
  • Tax
  • Travel
  • Survey 2023
  • Survey Report
  • Breaking Briefs
  • Insurance
  • Savings
  • Loan
  • Crypto
  • Investment
  • Mutual Funds
  • Real Estate
  • Tax
  • Exclusive
  • Home / Latest News

गेहूं उत्पादन रिकॉर्ड 11.53 करोड़ टन रहेगा, मौसम संबंधी चुनौतियों की आशंका नहीं : कृषि मंत्री

एक सरकारी बयान में मंत्री के हवाले से कहा गया, ‘‘गर्मी की लू या उच्च तापमान वास्तव में कटाई की प्रक्रिया को तेज कर देंगे। इस प्रकार, दूसरे अग्रिम अनुमान पर असर पड़ने की संभावना नहीं है...।’

  • Money9
  • Last Updated : May 12, 2025, 23:26 IST
  • Follow
  • Follow

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को कहा कि भारत का गेहूं उत्पादन इस साल रिकॉर्ड 11.53 करोड़ टन पर रहने का अनुमान कायम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि दूसरे अग्रिम अनुमान पर किसी भी मौसम संबंधी घटना का असर पड़ने की संभावना नहीं है। कृषि गतिविधियों की साप्ताहिक समीक्षा के दौरान, चौहान ने इस बात पर प्रकाश डाला कि सभी उत्पादक राज्यों में गेहूं की फसल लगभग अपनी परिपक्वता अवस्था पूरी कर चुकी है।

एक सरकारी बयान में मंत्री के हवाले से कहा गया, ‘‘गर्मी की लू या उच्च तापमान वास्तव में कटाई की प्रक्रिया को तेज कर देंगे। इस प्रकार, दूसरे अग्रिम अनुमान पर असर पड़ने की संभावना नहीं है…।’’ मार्च में जारी कृषि मंत्रालय के दूसरे अनुमान में वर्ष 2024-25 में 11.53 करोड़ टन का रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन का अनुमान लगाया गया था – जो पिछले वर्ष के 11.33 करोड़ टन से लगभग दो प्रतिशत अधिक है। मध्य प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात में गेहूं की कटाई पूरी हो चुकी है, जबकि पंजाब, उत्तर प्रदेश और बिहार में दो मई तक आंशिक कटाई बाकी है।

मंत्री ने कहा कि केंद्रीय पूल में खाद्यान्न भंडार ‘संतोषजनक’ स्तर पर है, जो बफर आवश्यकताओं से अधिक है। बयान में कहा गया है कि आज तक, गेहूं का स्टॉक 177.08 लाख टन तक पहुंच गया है, जो 74.60 लाख टन की बफर आवश्यकता से अधिक है। इसी तरह, चावल का स्टॉक 135.80 लाख टन के बफर मानदंड के मुकाबले 389.05 लाख टन तक पहुंच गया है। मंत्री ने जायद फसलों की बुवाई की प्रगति का भी जायजा लिया, जो कम अवधि की ग्रीष्मकालीन फसलें हैं जो रबी और खरीफ मौसम के दौरान, आमतौर पर मार्च से जून के बीच उगाई जाती हैं। दो मई तक धान की बुवाई का रकबा एक साल पहले की समान अवधि के 28.57 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 32.02 लाख हेक्टेयर हो गया है, जबकि दलहन की बुवाई का रकबा 18.47 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 20.67 लाख हेक्टेयर हो गया है।

बयान में कहा गया है कि मूंग और उड़द का रकबा भी बढ़ा है। चौहान ने अरहर, उड़द, चना और मसूर जैसी प्रमुख दालों की खरीद पर भी जोर दिया और अधिकारियों को किसानों को समय पर समर्थन मूल्य का भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बयान में कहा गया, ‘‘टमाटर, प्याज और अन्य फसलों के लिए अभी भी बुवाई का समय उपलब्ध है। मौजूदा अच्छे बाजार मूल्यों को देखते हुए, हमें सामान्य रकबा कवरेज प्राप्त होने की उम्मीद है।’’ अधिकारियों ने देश भर में अनुकूल मौसम और जलाशय की स्थिति की सूचना दी, जिससे चालू सत्र के लिए कृषि संभावनाओं को समर्थन मिलता है।

Published: May 12, 2025, 23:26 IST

Download Money9 App for the latest updates on Personal Finance.

  • wheat

Related

  • आईपीएल से पहले अवैध मनी गेमिंग ऐप पर सरकार का प्रतिबंध
  • इस फंड में एक लाख का निवेश बन गया 40 लाख रुपये से ज्यादा
  • RGRL शेयर हेरफेर मामला:18 संस्थाओं पर 2.8 करोड़ का जुर्माना,पांच साल तक बाजार से प्रतिबंधित
  • युद्ध के बीच गोल्ड फंडों में बढ़ा आकर्षण, निप्पॉन ने दिया एक साल में 84 फीसदी रिटर्न
  • इंडिगो 14 मार्च से घरेलू, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए ईंधन शुल्क वसूलेगी
  • मर्सिडीज अप्रैल से अपने सभी वाहनों की कीमतों में दो प्रतिशत की करेगी बढ़ोतरी

Latest

  • 1. Know the correct way to get KYC done!
  • 2. Why health insurance claim gets rejected?
  • 3. Power to Respond!
  • 4. What is Asset Under Management?
  • 5. No Worries on Medical Expenses!
  • Contact Us
  • About Us
  • Privacy & Cookies Notice
  • Complaint Redressal
  • Copyright © 2026 Money9. All rights reserved.
  • share
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • LinkedIn
  • Telegram
close